केंद्र सरकार की नीतियों से श्रम मूल्यों को कमजोर किया जा रहा : चंद्रप्रकाश

पटना। राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस के 79वें स्थापना दिवस के अवसर पर फूड एंड एलाइड वर्कर्स यूनियन का राज्य स्तरीय सम्मेलन प्रदेश अध्यक्ष चंद्र प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। सम्मेलन का उद्घाटन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सांसद तारिक अनवर, डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह, मनोज कुमार, पूर्व मंत्री कृपानाथ पाठक एवं पूर्व विधायक नरेन्द्र कुमार द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। सम्मेलन में राज्य खाद्य निगम के 543 प्रखंडों में कार्यरत लोडिंग-अनलोडिंग मजदूरों के प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने भागलपुर से वर्चुअल माध्यम से सम्मेलन को संबोधित किया।
मुख्य अतिथि एवं प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए प्रदेश अध्यक्ष चंद्र प्रकाश सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों से श्रम मूल्यों को कमजोर किया जा रहा है। चार श्रम संहिताओं के लागू होने से श्रमिक सुरक्षा में कमी आई है, ट्रेड यूनियन अधिकार प्रभावित हुए हैं तथा ठेका प्रथा को बढ़ावा मिला है।
उन्होंने बताया कि पटना उच्च न्यायालय के 07 अगस्त 2025 के आदेश तथा राज्य खाद्य निगम के 17 मार्च 2026 के निदेर्शों के बावजूद श्रमिकों को निर्धारित न्यूनतम मजदूरी, भविष्य निधि एवं ईएसआई जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। कई स्थानों पर श्रमिकों के वेतन से 29 प्रतिशत तक की अवैध कटौती भी की जा रही है। तारिक अनवर ने इंटक के गौरवशाली इतिहास और श्रमिक आंदोलनों में इसकी भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि संगठन ने सदैव मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया है। डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि इंटक गांधीवादी विचारधारा पर आधारित संगठन है, जो लोकतांत्रिक तरीके से श्रमिकों के हितों की रक्षा करता रहा है। उन्होंने कहा कि मजदूरों की अनदेखी देश के विकास को प्रभावित करती है। सांसद मनोज कुमार ने मजदूरों को समय पर पारिश्रमिक और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ नहीं मिलने पर चिंता व्यक्त की। वर्चुअल संबोधन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि कार्यस्थलों पर सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी एवं ठेका प्रथा के कारण रोजगार अस्थिर हो गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि कांग्रेस पार्टी और इंटक मजदूरों के हर आंदोलन के साथ खड़ी रहेगी।कृपानाथ पाठक ने सरकार से समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की, जबकि नरेन्द्र कुमार ने मजदूरों को देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया।सम्मेलन के दौरान चंद्र प्रकाश सिंह पुन: यूनियन के अध्यक्ष निर्वाचित हुए। बलराम सिंह को महामंत्री तथा नंदन मंडल एवं अखिलेश पांडे को उपाध्यक्ष चुना गया। इसके अतिरिक्त 40 सदस्यीय कार्यकारिणी समिति का भी गठन किया गया।



