केंद्र सरकार के खिलाफ वीरपुर में नारेबाजी, दुकानें बंद
बेगूसराय के वीरपुर में हड़ताल का मिला-जुला असर, धरना-प्रदर्शन

बेगूसराय। वीरपुर में आम हड़ताल का अपडेट 12 फरवरी 2026 को केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त आह्वान पर देशव्यापी आम हड़ताल हो रही है, जो मुख्य रूप से केंद्र सरकार की चार श्रम संहिताओं, निजीकरण, बेरोजगारी और श्रमिक-विरोधी नीतियों के खिलाफ है। वीरपुर (बेगूसराय, बिहार) में इसका मिला-जुला असर दिखा, जहां सीपीआई और वाम दलों के कार्यकर्ताओं ने बाजार की दुकानें, बैंक तथा प्रखंड कार्यालय बंद कराए।प्रदर्शन का विवरण कार्यकर्ताओं ने बेगूसराय-वीरपुर मार्ग पर धरना देकर करीब एक घंटे तक यातायात रोका, जिससे वाहनों की आवाजाही ठप हो गई।
उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और मांगें मनवाईं, जैसे श्रम संहिताओं को रद्द करना तथा ठेका प्रथा खत्म करना। आशा व सेविकाओं ने भी समर्थन दिया।नेतृत्वकर्ताकार्यक्रम का संचालन सीपीआई अंचल मंत्री राम प्रवेश सिंह, नेत्री रीता देवी, पूर्व पैक्स अध्यक्ष रंजीत यादव, अरुण कुमार, रामाश्रय पासवान और रामाज्ञा जैसे नेताओं ने किया। आम जनता को मामूली परेशानी हुई।यह हड़ताल पूरे देश में चल रही है, जिसमें INTUC, AITUC, CITU जैसी यूनियन शामिल हैं, लेकिन वीरपुर में स्थानीय स्तर पर सीपीआई सक्रिय रही।



