सहरसा के आर.एम. कॉलेज में निकली तिरंगा यात्रा, भारत माता की जय से गूंजा परिसर
देश के महापुरुषों के बलिदान और उपलब्धि का साक्षी है तिरंगा: प्रो. (डॉ.) गुलरेज रौशन रहमान

सहरसा। भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के अधीन अभिभूत इकाई राजेंद्र मिश्र कॉलेज में तिरंगा यात्रा निकाल कर हर घर तिरंगा का संदेश दिया गया। कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) गुलरेज रौशन रहमान के नेतृत्व में निकली तिरंगा यात्रा में भारत माता की जयघोष से वातावरण गुंजायमान हो गया। प्रधानाचार्य के साथ कॉलेज के सभी शिक्षक, कर्मचारी और छात्र छात्राएं हाथों में तिरंगा लेकर कॉलेज परिसर से तिवारी चौक तक पदयात्रा की। इस अवसर पर प्रधानाचार्य डॉ. गुलरेज रौशन रहमान ने कहा कि हर घर तिरंगा यात्रा के माध्यम से भारतीय नागरिकों में देशभक्ति की भावना को भरने का काम किया जा रहा है। तिरंगा हमारे संघर्षों त्याग बलिदान, उपलब्धि का साक्षी है। देश की तिरंगा के सम्मान में यह यात्रा निकाली जा रही है। हमारे देश की आन बान और शान तिरंगा है जिसे हर भारतीय सम्मान देते हैं। तिरंगा झंडे के महत्व को रेखांकित करते हुए प्रो. गुलरेज रौशन रहमान ने कहा कि भारत के राष्ट्रीय ध्वज की ऊपरी पट्टी में केसरिया रंग है जो देश की शक्ति और साहस को दर्शाता है।
बीच में स्थित सफेद पट्टी धर्म चक्र के साथ शांति और सत्य का प्रतीक है। निचली हरी पट्टी उर्वरता, वृद्धि और भूमि की पवित्रता को दर्शाती है। वहीं अशोक चक्र धर्म और कानून का प्रतीक है। यह भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के केंद्र में स्थित है और 24 तीलियों से बना है, जो जीवन की निरंतर गति और 24 गुणों का प्रतिनिधित्व करती हैं।
इस अवसर पर डॉ. इंद्रकांत झा ने तिरंगा यात्रा में कहा कि यह समाज के लोगों को तिरंगा के महत्व के साथ साथ स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आजाद भारत के सफर से अवगत कराना और राष्ट्रीयता की भावना का संचार करना है। संस्कृति मंत्रालय द्वारा आजादी का अमृत महोत्सव के तत्वावधान में शुरू किए गए हर घर तिरंगा, तिरंगा यात्रा जैसे अभियान का उद्देश्य नागरिकों को अपने घरों में भारतीय राष्ट्रीय ध्वज लाने और इसे गर्व के साथ फहराने के लिए प्रेरित करना भी है।
तिरंगा यात्रा के दौरान सभी शिक्षक, कर्मचारी और छात्रों के हाथों में लहराते तिरंगा,वंदे मातरम,भारत माता की जय,झंडा ऊंचा रहे हमारा के नारों से माहौल गुंजायमान होता रहा। डॉ. कविता कुमारी ने कहा कि यह अभियान आज एक जन-आंदोलन बन चुका है, जो राष्ट्र को एकता के सूत्र में पिरोता है और देशभक्ति की भावना को मजबूत करता है। मौके पर डॉ. डॉ. पूजा, डॉ. शुभ्रा पांडे, डॉ. पिंकी कुमारी, डॉ. कुमारी अपर्णा, डॉ. रामानंद रमण, डॉ. प्रतिभा कपाही, डॉ. संजय कुमार, सुशील कुमार झा, डॉ. लक्ष्मी कुमार कर्ण, डॉ. प्रतिष्ठा कुमारी, डॉ. सुदीप कुमार झा, डॉ. संजय परमार, डॉ. अक्षय कुमार चौधरी, डॉ. लक्ष्मण यादव, डॉ. आलोक कुमार झा, डॉ. कमलाकांत झा, डॉ. सुप्रिया कश्यप, डॉ. हनी सिंहा, डॉ. बिलो राम, नबीउल, सुधाकांत, आलोक कुमार मिश्र, नन्द किशोर झा, सुमित कुमार मिश्र, आशुतोष पांडे सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी और छात्र मौजूद थे।



