नौला: नशेड़ी गिरोहों का साम्राज्य उजागर

बेगूसराय। वीरपुर थाना क्षेत्र के नौला गांव सबसे खतरनाक अपराध गढ़ बन चुका है, जहां शनिवार देर शाम वार्ड 16 के युवक का सिर फटने वाली नशेड़ियों की मामूली मारपीट बस एक छोटी झलक है। यहां शराब माफिया के संरक्षण में नशेड़ी गिरोहों का खूनी राज चल रहा है दिनदहाड़े गोलीबाजी, सोते परिवारों पर नरसंहार, पुलिस पर फायरिंग और ग्रामीणों का उग्र विद्रोह ने पूरे इलाके को युद्धक्षेत्र बना दिया। नशे की इस आग में नौला जल रहा है, और शांति अब सपना मात्र!सबसे भयानक हत्याकांड: शराब माफिया ने घर में घुसकर गोलियों का नरसंहार (13 मई 2025)नौला बाजार, सुबह 9 बजे का खौफनाक मंजर: वार्ड 15 के सुजीत कुमार (22-25 वर्ष, संजय शाह/साह पुत्र) अपने घर के पास पेड़ काट रहे थे।
पड़ोसी दबंग शराब माफिया सुरजान शाह/संजय शाह ने पुरानी जमीनी रंजिश में तमतमाया और सीने में एक गोली ठोक दी सुजीत मौके पर लहुलुहान गिर पड़े। अस्पताल ले जाते वक्त ही रास्ते में दम तोड़ा।ग्रामीणों का खूनी विद्रोह: खबर फैलते ही हजारों ग्रामीण उमड़ पड़े। आरोपी के घर में घुसकर लूटपाट-तोड़फोड़ मचाई, घर से शराब के ड्रम बरामद कर सड़क पर फोड़े। नौला चौक पर बेगूसराय-संजात NH जाम कर शव रख दिया, पुलिस पर पथराव कर चिल्लाए ‘शराब माफिया पुलिस संरक्षण में फल-फूल रहे!’ एसपी मनीष कुमार भारी फोर्स लाए, खोखा गोलियां बरामद कर शांत किया।रिश्तों का क्रूर अंत: नशेड़ी का सोते परिवार पर धारदार हथियारों से नरसंहार (3 फरवरी 2026)वार्ड 9, आधी रात का कोहराम: नशेड़ी कपिल पासवान ने जमीनी रंजिश में ललिता देवी (हीरालाल पासवान पत्नी), पुत्र रोहित कुमार (25 वर्ष) और पुत्री रागिनी कुमारी पर सोते हुए धारदार हथियारों से बार-बार हमला किया। तीनों खून से लथपथ गंभीर घायल—ललिता की हालत नाजुक, जिला अस्पताल रेफर।
नौला पिकेट प्रभारी अकरम खान ने आरोपी को हथियार समेत धर दबोचा, भगवानपुर थाने सौंपा। गांव स्तब्ध: ‘नशा रिश्तों को भी काट फेंक रहा!’पुलिस vs माफिया: नौला-भीठ पुल पर खुलेआम गोलीबारी (अक्टूबर 2025)शराब माफिया गिरोह ने पुलिस पिकेट प्रभारी पर फायरिंग की, पथराव में 4 जवान घायल। सनसनी मच गई; एसपी मनीष ने छापेमारी शुरू की। जनवरी 2026 में भी 5 नशेड़ी पकड़े गए।नौला का अपराध साम्राज्य: क्यों नहीं रुक रहा खूनी तांडव?नौला चौक-भीठ पुल शराब माफिया, नशेड़ी गिरोह और जमीनी डकैतों का किला—पुलिस पिकेट के बावजूद जारी। ग्रामीण पुलिस संरक्षण का रो-रोकर आरोप लगाते हैं, व्यवसाई दहशत में। शांति व्यवस्था ध्वस्त; अब STF का महाअभियान जरूरी, वरना नौला बिहार का ‘नशे का कब्रिस्तान’ बन जाएगा।



