वर्ल्ड पीस हार्मनी चेयरमैन शकील सैफी ने कश्मीर से दिया वैश्विक शांति का संदेश, मोदी सरकार में बदलते कश्मीर की सराहना

जम्मू कश्मीर l हाल ही में वर्ल्ड पीस हार्मनी के चेयरमैन शकील सैफी ने कश्मीर के अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान दुनिया भर में चल रहे संघर्षों को समाप्त करने और वैश्विक शांति स्थापित करने की पुरजोर अपील की। उनके इस दौरे और वक्तव्य ने न केवल शांति के महत्व को रेखांकित किया है, बल्कि कश्मीर में आए सकारात्मक बदलावों की ओर भी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है। शकील सैफी ने स्थानीय युवाओं और समुदाय के नेताओं को संबोधित करते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि युद्ध कभी भी किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता। उन्होंने वैश्विक स्तर पर जारी हिंसा पर चिंता व्यक्त करते हुए तत्काल युद्धविराम और संवाद की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि न्याय और सद्भाव ही स्थायी शांति की नींव हैं।
मोदी सरकार के नेतृत्व में बदलता कश्मीर
शकील सैफी ने दौरे के दौरान कश्मीर की बदलती तस्वीर की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के कारण आज कश्मीर विकास और शांति की एक नई राह पर है। दशकों की अशांति के बाद, अब घाटी के युवाओं के हाथों में पत्थर नहीं बल्कि किताबें और लैपटॉप हैं। पर्यटन अपने चरम पर है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है। कश्मीर के लोग अब अलगाववाद को छोड़कर मुख्यधारा के विकास से जुड़ रहे हैं, जो ‘नया कश्मीर’ की एक गौरवशाली तस्वीर पेश करता है।
धार्मिक स्थलों की पवित्रता और वैश्विक जिम्मेदारी
शकील सैफी ने सऊदी अरब और काबा की पवित्रता का जिक्र करते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों पर होने वाली गलत गतिविधियां अशांति का कारण बनती हैं। उन्होंने वैश्विक नेताओं से आग्रह किया कि वे हिंसा के बजाय आपसी समझ और शांतिपूर्ण समाधानों को प्राथमिकता दें। इस दौरान उन्होंने कश्मीर के लोगों, विशेषकर युवाओं से आह्वान किया कि वे शांति, एकता और सुलह के राजदूत (Ambassadors of Peace) के रूप में कार्य करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि नैतिक आचरण और पवित्र मूल्यों का सम्मान करना ही दुनिया को कष्टों और उथल-पुथल से बचाने का एकमात्र तरीका है। शकील सैफी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब कश्मीर शांति और प्रगति के एक नए युग का गवाह बन रहा है। मोदी सरकार की नीतियों और ‘वर्ल्ड पीस हार्मनी’ जैसे संगठनों के प्रयासों से यह उम्मीद जागती है कि कश्मीर न केवल भारत के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए शांति और सद्भाव का एक चमकता हुआ उदाहरण बनेगा।



