इंसानियत ग्रुप ने अनाथ बेटी के सपनों को दी उड़ान, पढ़ाई की पूरी जिम्मेदारी उठाई
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उरई/जालौन। ग्वालियर निवासी मनीष प्रजापति, जो इंसानियत ग्रुप के सक्रिय सदस्य हैं, ने एक अनाथ एवं आर्थिक रूप से कमजोर छात्रा की शिक्षा का पूरा जिम्मा उठाकर मानवता की मिसाल पेश की है। उन्होंने लाखों रुपये की कोचिंग फीस, रहने-खाने और यहां तक कि स्कूटी उपलब्ध कराने तक की जिम्मेदारी ली।
इंसानियत ग्रुप के संस्थापक सुमित प्रताप सिंह के नेतृत्व में यह संगठन लगातार जरूरतमंदों की सहायता कर रहा है। इसी क्रम में यह प्रेरणादायक मामला सामने आया, जहां पूर्वी श्रीवास्तव नाम की छात्रा ने अपने बेहतर भविष्य के लिए कोचिंग में प्रवेश और आर्थिक सहायता की गुहार लगाई थी। आर्थिक तंगी के कारण उसके सपनों पर संकट मंडरा रहा था।
छात्रा की स्थिति की जानकारी मिलने पर मनीष प्रजापति ने बिना किसी दिखावे के मदद का आश्वासन दिया और ग्वालियर में सभी व्यवस्थाएं कराने की जिम्मेदारी ली। जब पूर्वी ग्वालियर पहुंची, तो भीषण गर्मी के बावजूद मनीष प्रजापति स्टेशन पर पहले से मौजूद थे। उन्होंने एक अभिभावक और बड़े भाई की तरह उसका स्वागत किया, भोजन कराया और फिर उसे कोचिंग संस्थान ले गए।
वहां उन्होंने एडमिशन की पूरी प्रक्रिया कराई और लगभग एक लाख रुपये की कोचिंग फीस स्वयं वहन करने का निर्णय लिया। सबसे खास बात यह रही कि छात्रा से किसी भी प्रकार की कोई राशि नहीं ली गई। इसके अलावा, उन्होंने उसके रहने, खाने और स्कूटी की व्यवस्था का भी भरोसा दिया।
मनीष प्रजापति लगभग 5 घंटे तक छात्रा के साथ रहे और सभी औपचारिकताएं पूरी कराकर उसे सुरक्षित ट्रेन में बैठाकर उरई के लिए रवाना किया। इस पूरे घटनाक्रम ने इंसानियत ग्रुप की उस भावना को साकार कर दिया, जिसमें जरूरतमंदों की मदद को सबसे बड़ा धर्म माना जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वर्गीय पत्रकार संजीव संजू श्रीवास्तव का आशीर्वाद ही है कि इंसानियत ग्रुप लगातार जरूरतमंदों के लिए उम्मीद की किरण बनता जा रहा है। पूर्वी अब सोमवार से ग्वालियर में रहकर अपनी कोचिंग शुरू करेगी और उम्मीद है कि वह अपने भविष्य में बड़ी सफलता हासिल कर समाज का नाम रोशन करेगी।



