सिमडेगा जूनियर कैम्ब्रिज स्कूल में नो बैग डे: खेल-खेल में सीखने के साथ समय के महत्व पर आचार्य डॉ. पद्मराज स्वामी ने दिया मार्गदर्शन

सिमडेगा। जूनियर कैम्ब्रिज स्कूल, सिमडेगा में शनिवार को नो बैग डे का आयोजन उत्साह एवं उल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से विद्यालय के संरक्षक *आचार्य डॉ. पद्मराज स्वामी जी महाराज* तथा विद्यालय की *प्राचार्या प्रभा केरकेट्टा* उपस्थित रहीं। इस अवसर पर विद्यार्थियों को पुस्तकों के बोझ से मुक्त रखते हुए गतिविधि-आधारित शिक्षण के माध्यम से सीखने का अवसर प्रदान किया गया।
विद्यालय के संरक्षक एवं मार्गदर्शक आचार्य डॉ. पद्मराज स्वामी जी महाराज ने अपने प्रेरक संबोधन में भारतीय ज्ञान परंपरा के अनुसार *समय (कालचक्र)* की अवधारणा को सरल एवं रोचक ढंग से समझाया। उन्होंने बताया कि *आठ प्रहर मिलकर एक अहोरात्र (दिन-रात) बनाते हैं। दो पक्ष—शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष—मिलकर एक माह बनाते हैं। दो माह से एक ऋतु, छह माह से एक अयन तथा एक वर्ष में दो अयन—उत्तरायण और दक्षिणायन—होते हैं।* उन्होंने विद्यार्थियों से समय का सदुपयोग करने, अनुशासित जीवन अपनाने तथा प्रत्येक क्षण को सीखने का अवसर मानने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने *योग, समूह गायन, नृत्य, कोन बैलेंसिंग, ब्लाइंड गेम* सहित कई रचनात्मक एवं मनोरंजक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, एकाग्रता, संतुलन, सहयोग की भावना तथा नेतृत्व क्षमता विकसित करने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम के समापन पर प्राचार्या प्रभा केरकेट्टा की अध्यक्षता में शैक्षणिक समन्वयक एवं शिक्षकों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में दिनभर की गतिविधियों का मूल्यांकन करते हुए यह निष्कर्ष निकाला गया कि नो बैग डे के निर्धारित उद्देश्यों की *आंशिक रूप से प्राप्ति* हुई है। साथ ही भविष्य में ऐसी गतिविधियों को और अधिक प्रभावी, योजनाबद्ध एवं परिणामोन्मुख बनाने का निर्णय लिया गया।
विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि नो बैग डे जैसे आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, रचनात्मक सोच तथा भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ाव को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।



