एक गलत चेन पुलिंग, सैकड़ों यात्री प्रभावित : अलार्म चेन के दुरुपयोग पर आसनसोल मंडल की सख्त कार्रवाई

वित्तीय वर्ष 2025–26 में 1,484 मामले दर्ज, 1,455 दोषी गिरफ्तार, 8.78 लाख जुर्माना वसूल

आसनसोल। आसनसोल मंडल ने वित्तीय वर्ष 2025–26 के दौरान अनधिकृत अलार्म चेन पुलिंग के विरुद्ध प्रवर्तन कार्रवाई तथा जन-जागरूकता अभियान को और तेज कर दिया है। यह अभियान रेलवे सुरक्षा बल द्वारा संबंधित रेलवे विभागों के समन्वय से “ऑपरेशन समय पालन” के अंतर्गत चलाया जा रहा है, ताकि सुरक्षित, समयनिष्ठ एवं निर्बाध रेल सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें।
रेलवे का उद्देश्य केवल दोषियों पर दंडात्मक कार्रवाई करना नहीं, बल्कि यात्रियों को अलार्म चेन के दुरुपयोग के गंभीर परिणामों के प्रति जागरूक करना भी है। मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर लगातार जागरूकता अभियान, उद्घोषणाएं, परामर्श कार्यक्रम तथा नियमित जांच अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके बावजूद अनधिकृत चेन पुलिंग की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे ट्रेनों की समयपालन व्यवस्था प्रभावित होती है और यात्रियों को असुविधा होती है।

वर्तमान वित्तीय वर्ष में अनधिकृत अलार्म चेन पुलिंग के कुल 1,484 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 1,455 दोषियों को पकड़ा गया तथा ₹8,78,200/- का जुर्माना वसूला गया। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु संवेदनशील स्टेशनों एवं खंडों में विशेष निगरानी तथा आकस्मिक जांच अभियान चलाए जा रहे हैं।
गैर-निर्धारित स्थानों एवं ब्लॉक सेक्शनों में ट्रेनों को अनधिकृत रूप से रोकने से रेल परिचालन बाधित होता है, सेवाओं में विलंब होता है तथा यात्रियों की आगे की यात्रा योजनाएं प्रभावित होती हैं। एक व्यक्ति द्वारा किया गया ऐसा दुरुपयोग सैकड़ों यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है, जिनमें परीक्षा देने जा रहे छात्र, उपचार हेतु यात्रा कर रहे मरीज, ड्यूटी पर जा रहे कर्मचारी तथा समयबद्ध यात्रा कर रहे परिवार शामिल हैं।

हाल ही में एक घटना में, एक यात्री अपने परिजन के साथ अत्यावश्यक चिकित्सीय परामर्श हेतु यात्रा कर रहा था, किंतु अनावश्यक चेन पुलिंग के कारण ट्रेन रुक जाने से उसे गंभीर चिंता का सामना करना पड़ा। मूल्यवान समय नष्ट हुआ तथा अनेक सहयात्री भी परेशान हो गए। ऐसी घटनाएं स्पष्ट करती हैं कि अलार्म चेन का दुरुपयोग कोई मामूली कृत्य नहीं, बल्कि इसका वास्तविक प्रभाव अन्य यात्रियों पर पड़ता है।
अलार्म चेन एक आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था है, जिसका उपयोग केवल वास्तविक एवं जीवनरक्षक परिस्थितियों में ही किया जाना चाहिए।

रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 141 के अंतर्गत अलार्म चेन का दुरुपयोग दंडनीय अपराध है। दोषी को एक वर्ष तक का कारावास, ₹1,000/- तक का जुर्माना अथवा दोनों दंड दिए जा सकते हैं। प्रथम दोषसिद्धि पर न्यूनतम ₹500/- का जुर्माना निर्धारित है। दूसरी अथवा पुनरावृत्ति की स्थिति में तीन माह तक का कारावास भी हो सकता है।
आसनसोल मंडल सभी यात्रियों से अपील करता है कि वे जिम्मेदारीपूर्वक आचरण करें तथा अलार्म चेन का उपयोग केवल वास्तविक आपात स्थिति में ही करें। समयनिष्ठ, सुरक्षित एवं यात्री-अनुकूल रेल सेवाओं के लिए जनसहयोग और जागरूकता अत्यंत आवश्यक है।

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