TET अनिवार्यता के विरोध में 13 अप्रैल को मशाल जुलूस, 3 मई को लखनऊ में महारैली की चेतावनी

माधौगढ़, जालौन। अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के आह्वान पर मंगलवार को शिक्षक भवन, स्टेशन रोड पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष ठाकुरदास यादव ने की।
बैठक में उच्चतम न्यायालय के आदेश के क्रम में देशभर के लाखों सेवारत शिक्षकों पर TET अनिवार्यता लागू किए जाने पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। शिक्षक नेताओं ने इसे शिक्षकों के हितों के विरुद्ध बताते हुए सरकार से मांग की कि शिक्षकों को TET से मुक्त कराने हेतु संबंधित विधेयक में आवश्यक संशोधन किया जाए।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि सरकार उनकी मांगों पर विचार नहीं करती है, तो इसके विरोध में 13 अप्रैल 2026 को बीएसए कार्यालय से अंबेडकर चौराहा तक मशाल जुलूस निकाला जाएगा। इस जुलूस में विभिन्न शिक्षक एवं कर्मचारी संगठन संयुक्त रूप से भाग लेकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो 3 मई 2026 को लखनऊ में एक विशाल महारैली आयोजित की जाएगी।
बैठक में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ, अटेवा, TSCT, SC/ST बेसिक टीचर्स एसोसिएशन, यूटा संघ, विशिष्ट बीटीसी आदि संगठनों के पदाधिकारियों ने भाग लिया और 13 अप्रैल के मशाल जुलूस को सफल बनाने का संकल्प लिया।
इस दौरान यूटा के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र राजपूत, जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र चौहान, जिला मंत्री आफताब आलम, रामप्रकाश गौतम, रामवतार गौतम, लोकेश पाल, अजय निरंजन, डॉ. रामावतार राठौर, उदयकरण राजपूत, शत्रुघ्न राजपूत, रोहित कुमार, सुंदर शास्त्री, राकेश सरोज, अरविंद खाबरी, नीरज तिवारी, चित्रांगद गुर्जर, अवधेश गौतम, देवेंद्र जाटव, सुशील राजपूत, योगेश निरंजन, अजय भदौरिया, सुनील आनंद, अरविंद निरंजन, सिद्धार्थ गौतम, संजय श्रीवास्तव सहित अनेक शिक्षक एवं कर्मचारी नेता उपस्थित रहे।



