बारामुड़ी खटाल में बुलडोजर चलाने नहीं देंगे: सांसद ढुलू महतो, महापंचायत में प्रभावित परिवारों को दिया समर्थन

धनबाद। बारामुड़ी खटाल को हटाने की प्रस्तावित कार्रवाई के विरोध में धनबाद के सांसद ढुलू महतो आज बारामुड़ी खटाल पहुंचे। यहां आयोजित महापंचायत में उन्होंने स्थानीय लोगों को अपना समर्थन देते हुए भरोसा दिलाया कि वर्षों से यहां रहकर अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाले लोगों के अधिकारों, आजीविका और भविष्य के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।

महापंचायत को संबोधित करते हुए सांसद ढुलू महतो ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “मेरे रहते बारामुड़ी खटाल में किसी कीमत पर बुलडोजर नहीं चलने देंगे। यहां के लोगों को डरने की जरूरत नहीं है। आपका भाई हर परिस्थिति में आपके साथ खड़ा है। जब भी जरूरत पड़े, मात्र 15 मिनट में आपका भाई आपके बीच खड़ा मिलेगा।”

उन्होंने जिला प्रशासन से स्थानीय लोगों के बीच भय का माहौल पैदा नहीं करने की अपील करते हुए कहा कि गरीबों और मेहनतकश परिवारों के हितों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।

सांसद ने कहा कि बारामुड़ी खटाल में वर्षों से लगभग 200 परिवार रह रहे हैं, जिनकी आजीविका का प्रमुख साधन पशुपालन है। ऐसे में खटाल हटाने की कार्रवाई से इन परिवारों के सामने आवास के साथ-साथ रोजी-रोटी का भी गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने कहा कि यह केवल जमीन या मकान का मामला नहीं है, बल्कि इससे सैकड़ों लोगों के जीवन, रोजगार और बच्चों के भविष्य का सवाल जुड़ा हुआ है।

प्रभावित परिवारों के पुनर्वास पर पहले विचार करने की मांग

सांसद ढुलू महतो ने महापंचायत के मंच से जिला प्रशासन से मांग की कि किसी भी तरह की कार्रवाई करने से पहले प्रभावित परिवारों की स्थिति, उनकी आजीविका और पुनर्वास के संभावित विकल्पों पर गंभीरता से विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कार्रवाई में मानवीय संवेदनाओं, गरीबों के हितों और सामाजिक न्याय को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

महापंचायत के माध्यम से सांसद ने स्थानीय परिवारों को आश्वस्त किया कि उनके अधिकारों और आजीविका की रक्षा के लिए वे उनके साथ खड़े रहेंगे। बारामुड़ी खटाल का मुद्दा अब स्थानीय लोगों के आवास, पशुपालन आधारित रोजगार और भविष्य की सुरक्षा से जुड़ा अहम विषय बन गया है।

 

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button