धनबाद में उभरते नए चेहरों का सियासी मकड़जाल, किसके सिर सजेगा मेयर का ताज?

धनबाद | झारखंड

नगर निगम चुनाव 2026 की घोषणा के साथ ही धनबाद की सियासत में सरगर्मी तेज हो गई है। 27 जनवरी को अधिसूचना जारी होते ही चुनावी बिगुल बज चुका है। राज्य की 48 नगर इकाइयों में 23 फरवरी को मतदान कराया जाएगा, जबकि 27 फरवरी को मतगणना संपन्न होगी। धनबाद नगर निगम क्षेत्र में यह चुनाव कई मायनों में बेहद खास और निर्णायक माना जा रहा है।

 

खनिज नगरी धनबाद आज भी पानी, बिजली, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी समस्याओं से जूझ रही है। लगातार बढ़ती आबादी, अव्यवस्थित शहरीकरण और कमजोर बुनियादी ढांचे ने आम नागरिक की परेशानियां बढ़ा दी हैं। ऐसे में मेयर की कुर्सी को लेकर होने वाला यह चुनाव शहर की दिशा और दशा तय करने वाला माना जा रहा है।

 

चुनावी मैदान में इस बार नए और पुराने चेहरों की लंबी कतार देखने को मिल रही है। शिक्षाविद् रवि चौधरी, पूर्व मेयर इंदु सिंह, पूर्व मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल, महापौर प्रत्याशी अमित अग्रवाल, उद्यमी रवि बुंदेला सहित कई नाम खुलकर सामने आ चुके हैं। राजनीतिक जानकारों की मानें तो आने वाले दिनों में कुछ और दावेदार भी अपनी दावेदारी पेश कर सकते हैं, जिससे मुकाबला और रोचक होने की संभावना है।

 

इस चुनाव में एक नई प्रवृत्ति भी साफ नजर आ रही है। धनबल और प्रभावशाली छवि के सहारे कई चेहरे राजनीति में एंट्री लेने की कोशिश कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर पेड प्रचार के माध्यम से खुद को बड़ा समाजसेवी, प्रभावशाली नेता या जननायक के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। आकर्षक पोस्टर, वीडियो और डिजिटल कैंपेन के जरिए मतदाताओं को प्रभावित करने की होड़ मची हुई है।

 

हालांकि, जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। स्थानीय जानकारों और मतदाताओं का कहना है कि धनबाद की जनता इस बार केवल दिखावटी प्रचार और सोशल मीडिया की चमक से प्रभावित होने के मूड में नहीं है। लोग ठोस विजन, ईमानदारी, पारदर्शिता और वास्तविक विकास के एजेंडे को प्राथमिकता दे रहे हैं।

 

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या धनबल और डिजिटल प्रचार का जादू चलेगा, या फिर जनता किसी नए, ईमानदार और दूरदर्शी नेतृत्व को मौका देगी? आने वाला वक्त ही तय करेगा कि धनबाद नगर निगम के मेयर का ताज आखिर किसके सिर सजेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button