कोलेबिरा के काल्हाटोली में मां बाघचंडी वार्षिक महोत्सव का दूसरा दिन, अखंड हरि कीर्तन में उमड़ा आस्था का सैलाब

कोलेबिरा (सिमडेगा)। कोलेबिरा प्रखंड के काल्हाटोली स्थित मां बाघचंडी मंदिर परिसर में आयोजित मां बाघचंडी वार्षिक महोत्सव सह तीन दिवसीय अखंड हरि कीर्तन के दूसरे दिन शुक्रवार को धार्मिक माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।वैदिक मंत्रोच्चार और नामकरण के साथ अखंड हरि कीर्तन की विधिवत शुरुआत की गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ पंडित प्रदीप पंडा,पवन शर्मा,भरतू द्विवेदी, मंदिर के मुख्य पुजारी पंचम सिंह,छत्रपति सिंह एवं अन्य जापकों द्वारा किया गया।इसके बाद अखंड हरि कीर्तन निरंतर जारी रहा, जिसमें क्षेत्र की विभिन्न कीर्तन मंडलियों ने भाग लिया।अखंड हरि कीर्तन में काल्हाटोली,टुटीकेल, झपला,केलुगा,छोटका टोली, रामजड़ी बस्ती,उकौली, लचरागढ़ खास, कोलेबिरा, कारीमाटी, खरवागढ़ा, जलडेगा, बानो, फुलवाटांगर और बरसलोया सहित आसपास के गांवों की कीर्तन मंडलियों की सहभागिता रही।वहीं कोलेबिरा,बानो,लचरागढ़, जलडेगा,गुमला,पालकोट, बसिया,कोनबीर के अलावा ओड़िशा और छत्तीसगढ़ से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।महोत्सव के दौरान मां बाघचंडी मंदिर पूजा समिति द्वारा भंडारा का आयोजन किया गया।भक्तों ने मां बाघचंडी का आशीर्वाद प्राप्त कर समिति द्वारा तैयार महाप्रसाद ग्रहण किया।

मंदिर के पुजारी पंचम सिंह एवं छत्रपति सिंह ने बताया कि मां बाघचंडी की असीम कृपा और श्रद्धालुओं की गहरी आस्था के कारण प्रतिवर्ष भक्तों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने जानकारी दी कि शनिवार सुबह 10 बजे पूर्णाहुति कार्यक्रम संपन्न होगा,जिसके बाद नगर भ्रमण निकाला जाएगा। महाभंडारे के साथ तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का समापन होगा।
इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में मां बाघचंडी मंदिर पूजा समिति,विश्व हिन्दू परिषद,बजरंग दल, क्षेत्र के समाजसेवी,ग्रामीणों एवं पुलिस प्रशासन की अहम भूमिका रही।
महोत्सव को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह और भक्ति का वातावरण बना हुआ है।



