अवैध चुलाई शराब का गंदा पानी सड़क पर, शिकायत के बावजूद नहीं हो रही कार्रवाई

देवघर। देवघर नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 26 में चिरोड़ी दुर्गा मंदिर के पीछे इन दिनों एक गंभीर समस्या स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। यहां अवैध रूप से चुलाई शराब बनाने का काम धड़ल्ले से चल रहा है, और उससे निकलने वाला गंदा व बदबूदार पानी खुलेआम बीच सड़क पर बहाया जा रहा है। इस कारण न सिर्फ आसपास का वातावरण दूषित हो रहा है, बल्कि राहगीरों और स्थानीय निवासियों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस गंदे पानी से पूरे इलाके में बदबू फैल जाती है, जिससे सांस लेना तक मुश्किल हो जाता है। खासकर छोटे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं इससे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। सड़क पर बहते इस गंदे पानी के कारण फिसलन भी बढ़ गई है, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। इसके अलावा, यह पानी नालियों में जमा होकर मच्छरों के पनपने का कारण बन रहा है, जिससे डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार प्रशासन से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लोगों का आरोप है कि जब भी प्रशासनिक अधिकारी मौके पर आते हैं, तो केवल औपचारिक जांच कर वापस लौट जाते हैं। समस्या जस की तस बनी हुई है, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि अवैध शराब बनाने में लगे लोग खुलेआम स्थानीय निवासियों को धमकी दे रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जब भी कोई व्यक्ति इस गंदगी और अवैध गतिविधि के खिलाफ आवाज उठाता है, तो उसे डराया-धमकाया जाता है। आरोपितों का कहना है कि “कोई भी आ जाए, हमें कोई फर्क नहीं पड़ता, यह काम ऐसे ही चलता रहेगा।” इस तरह की धमकियों के कारण कई लोग डर के मारे खुलकर विरोध भी नहीं कर पा रहे हैं।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि चिरोड़ी दुर्गा मंदिर जैसे धार्मिक स्थल के पीछे इस तरह की अवैध गतिविधियों का चलना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे न सिर्फ क्षेत्र की छवि खराब हो रही है, बल्कि सामाजिक माहौल भी प्रभावित हो रहा है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से अवैध शराब निर्माण पर रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
नगर निगम और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है कि वे क्षेत्र में स्वच्छता और कानून व्यवस्था बनाए रखें। बावजूद इसके, यदि इस तरह की समस्याएं लगातार बनी रहती हैं, तो यह प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
इस पूरे मामले ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि संबंधित अधिकारी कब तक इस समस्या पर संज्ञान लेते हैं और क्षेत्रवासियों को इस परेशानी से राहत दिलाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल, वार्ड 26 के लोग गंदगी, बदबू और डर के साये में जीवन जीने को मजबूर हैं।



