सिमडेगा जिला स्थापना दिवस का रजत जयंती समारोह धूमधाम से सम्पन्न

सिमडेगा। सिमडेगा जिला स्थापना दिवस के रजत जयंती (25 वर्ष) के अवसर पर नगर भवन, सिमडेगा में भव्य एवं गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। प्रतिकूल मौसम के कारण पूर्व निर्धारित तिथि को हेरिटेज सेंटर सह संग्रहालय के स्थान से बदलकर आज एक दिन बाद कार्यक्रम को नगर भवन में आयोजित किया गया, जहाँ बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति ने इस ऐतिहासिक अवसर को उत्सव में बदल दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त सिमडेगा श्रीमती कंचन सिंह, पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस खोटरे, उप विकास आयुक्त श्री दीपांकर चौधरी, अपर समाहर्ता श्री ज्ञानेन्द्र, नगर परिषद उपाध्यक्ष श्री दीपक कुमार अग्रवाल सहित अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके पश्चात सभी अतिथियों का अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया गया।

इस अवसर पर जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्य, चैम्बर ऑफ कॉमर्स, मीडिया प्रतिनिधि, छात्र-छात्राएं तथा आम नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

उपायुक्त श्रीमती कंचन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि सिमडेगा जिले के 25 वर्ष पूरे होना केवल एक प्रशासनिक उपलब्धि नहीं, बल्कि यह जनआकांक्षाओं, संघर्षों और सामूहिक प्रयासों की सफलता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जिले का निर्माण केवल सीमांकन का कार्य नहीं होता, बल्कि यह आम लोगों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होता है।

उन्होंने कहा कि छोटे प्रशासनिक इकाइयों के गठन से आम नागरिकों की पहुंच प्रशासन तक सरल होती है, जिससे योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन संभव हो पाता है। बीते 25 वर्षों में सिमडेगा ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल एवं आधारभूत संरचनाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।

उपायुक्त ने सिमडेगा की सांस्कृतिक विविधता को इसकी सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि यहाँ विभिन्न धर्म, भाषा और परंपराओं के लोग आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ रहते हैं। “यहाँ चलना ही नृत्य है और बोलना ही संगीत है”—यह कथन इस जिले की आत्मा को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता बनाए रखने में शांति समिति की महत्वपूर्ण भूमिका है और प्रशासन द्वारा उन्हें सम्मानित करना उनके योगदान की सराहना है।

उन्होंने विकास की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि जिले की भौगोलिक परिस्थितियाँ कई बार विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न करती हैं, लेकिन प्रशासन इन चुनौतियों को अवसर में बदलने के लिए निरंतर प्रयासरत है। सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।

महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री मैया सम्मान योजना की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मैया समान योजना के तहत मिलने वाली राशि को जिले की महिलाएं बच्चों के बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वरोजगार करने एवं अपनी आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में खर्च कर रही है। इस योजना के माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और अपने जीवन को बेहतर बना रही है।

उपायुक्त ने मजदूर दिवस के अवसर पर सभी श्रमिकों को नमन करते हुए कहा कि जिले के विकास में उनका योगदान अमूल्य है।

उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि इस वर्ष जिले के एक छात्र ने मैट्रिक परीक्षा में राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो पूरे जिले के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने उस छात्रा की शिक्षा का पूरा खर्च व्यक्तिगत रूप से वहन करने की घोषणा की।

उन्होंने समाज के सक्षम लोगों से जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आने की अपील की और कहा कि छोटे-छोटे प्रयास भी समाज में बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं‌।

अंत में उन्होंने सभी जिलेवासियों से आह्वान किया कि वे मिलकर सिमडेगा को एक विकसित, शिक्षित, सुरक्षित और आत्मनिर्भर जिला बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।

पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस खोटरे ने अपने संबोधन में कहा कि सिमडेगा जिला स्थापना की रजत जयंती हम सभी के लिए गर्व और संकल्प का अवसर है। उन्होंने कहा कि किसी भी जिले के विकास के लिए सुदृढ़ विधि-व्यवस्था अत्यंत आवश्यक होती है और सिमडेगा पुलिस ने “जनता की सुरक्षा, जनता का विश्वास” के सिद्धांत पर कार्य करते हुए इस दिशा में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है।जिले में 7 से 18 थाने बने,जिससे जिले में सुरक्षा व्यवस्था की पहुंच बढ़ी।

उन्होंने बताया कि जिले में पुलिस व्यवस्था का विस्तार करते हुए सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक पहुंच सुनिश्चित की गई है, जिससे आम नागरिकों को त्वरित सेवा मिल रही है। महिला सुरक्षा, सामुदायिक पुलिसिंग और संवेदनशीलता को प्राथमिकता देते हुए कई पहल की गई हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन, पुलिस और जनता के संयुक्त प्रयासों से सिमडेगा आज नक्सल-मुक्त जिला बन सका है, जो विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

उप विकास आयुक्त श्री दीपांकर चौधरी ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि आज का यह अवसर केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हमारी साझा पहचान, इतिहास और सांस्कृतिक विरासत का उत्सव है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक इकाइयों का विकास समय के साथ होता रहा है और सुशासन के लिए छोटे-छोटे इकाइयों का गठन आवश्यक होता है।

उन्होंने बताया कि प्राचीन काल से लेकर आधुनिक समय तक प्रशासन को प्रभावी बनाने के लिए क्षेत्रों का विभाजन किया जाता रहा है। स्वतंत्रता के समय देश में लगभग 350 जिले थे, जो आज बढ़कर 700 से अधिक हो चुके हैं।

उन्होंने कहा कि सिमडेगा की सांस्कृतिक पहचान इसे विशिष्ट बनाती है और यही इसकी सबसे बड़ी शक्ति है। वर्ष 2001 में जिले का गठन इसी उद्देश्य से किया गया था कि इसकी विशिष्टता को संरक्षित और विकसित किया जा सके।

उन्होंने हेरिटेज सेंटर जैसे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। अंत में उन्होंने सभी से अपील की कि वे जिले के समग्र विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं प्रतिभा सम्मान

कार्यक्रम की शुरुआत सिमडेगा साहित्य सभा द्वारा साहित्यिक प्रस्तुतियों से हुई, जिसने वातावरण को सांस्कृतिक रंगों से भर दिया। इसके पश्चात विभिन्न विद्यालयों—नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय, कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय (सिमडेगा एवं ठेठईटांगर), झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय पाकरटांड़—के विद्यार्थियों ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं।

शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। मैट्रिक परीक्षा 2026 में 498 अंक (99.60%) प्राप्त कर राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली शिवांगी कुमारी (एसएस हाई स्कूल, बानो) को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही टॉप-10 में शामिल 13 छात्राओं को भी सम्मानित किया गया।

इसके अलावे मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय वार्षिक माध्यमिक परीक्षा CBSE बोर्ड 2026 के टॉप 05 छात्र छात्राओं जिनमें स्नेहा कुमारी- 89.80%, प्रिंस कुमार ठाकुर-84.60%, उमर अली- 78.20%, ममता कुमारी- 77.20%, अलमा कुमारी-76.80%को भी सम्मानित किया गया।

वॉल पेंटिंग प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों एवं संस्थानों के विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। खेल प्रतियोगिताओं—वुशु, बैडमिंटन, एथलेटिक्स, हॉकी एवं मिनी मैराथन—में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भी प्रशस्ति पत्र एवं ट्रॉफी प्रदान की गई।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय हेतु नव-नियुक्त शिक्षकों एवं कर्मियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।

जिले में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने में योगदान देने वाले शांति समिति के सदस्यों, मीडिया प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया।

जिला स्थापना दिवस के अवसर पर बेहतर कार्य करने वाले जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी को भी सम्मानित की गई तथा प्रशस्ति पत्र दिया गया। जिनमें – उप विकास आयुक्त श्री दीपांकर चौधरी, अपर समाहर्ता श्री ज्ञानेंद्र, जिला पंचायती राज पदाधिकारी श्री दयानंद कार्जी, जिला मत्स्य पदाधिकारी श्रीमती सीमा टोप्पो, अंचला अधिकारी कुरडेग श्री किरण डांग, प्रखंड विकास पदाधिकारी श्री समीर रेनियर खालखो, प्रखंड विकास पदाधिकारी ठेठईटांगर श्रीमती नूतन मिंज को सम्मानित किया गया।

सेवानिवृत्त अंचल अधिकारी श्री किरण डांग को भावभीनी विदाई दी गई।

 

कार्यक्रम के अंत में अपर समाहर्ता श्री ज्ञानेन्द्र ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए सभी अतिथियों, v भविष्य में भी इसी समर्पण के साथ कार्य करता रहेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button