शराब माफिया के आगे नतमस्तक सिस्टम? मैहर में कार्रवाई सिर्फ दिखावा, खेल जारी बेखौफ!

मैहर। लगता है मैहर का पूरा सिस्टम अब एक अजीब सिद्धांत पर चल रहा है! शराब नशा नहीं, बस व्यापार है! तभी तो नेशनल हाईवे के किनारे खुलेआम अवैध शराब का कारोबार फल-फूल रहा है और जिम्मेदार महकमा आंखों पर पट्टी बांधे बैठा है। झुकेही, अमदरा, देहात मैहर और अमरपाटन थाना क्षेत्र की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। 1 अप्रैल 2026 से अब तक की कार्रवाई का आंकड़ा अगर खंगाला जाए, तो सवाल यही उठता है, क्या पुलिस ने कभी शराब के असली स्रोत तक पहुंचने की हिम्मत दिखाई? या फिर छोटे-मोटे पकड़कर खानापूर्ति करना ही सख्ती कहलाता है? हकीकत यह है कि जब तक कलेक्टर और एसपी खुद मैदान में उतरकर दबिश नहीं देते, तब तक स्थानीय स्तर पर कानून जैसे छुट्टी पर चला जाता है। और जब कार्रवाई होती भी है, तो वह सिर्फ फोटो और प्रेस नोट तक सीमित रह जाती है।

जनता पूछ रही है, क्या वजह है कि बार-बार विरोध, शिकायतें और जनप्रतिनिधियों की नाराजगी के बावजूद शराब के बड़े खिलाड़ियों पर हाथ नहीं डाला जाता? क्या सिस्टम जानबूझकर बड़ी मछलियों को छोड़कर छोटी मछलियों पर जाल डाल रहा है? याद दिला दें कि जिले के दोनों विधायक, मैहर और अमरपाटन, खुद इस अवैध कारोबार पर विरोध जता चुके हैं। लेकिन सवाल वही, जब जनप्रतिनिधियों की आवाज ही अनसुनी हो जाए, तो आम जनता की कौन सुने?ग्रामीण अंचलों से अब खुलकर मांग उठ रही है कि पुलिस के नशा विरोधी अभियान में शराब को भी शामिल किया जाए। आखिर शराब क्या पवित्र जल है, जिसे अभियान से बाहर रखा गया है? नेशनल हाईवे के किनारे फलता-फूलता यह कारोबार अब सिर्फ कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि सिस्टम की नीयत पर सवाल बन चुका है। अगर जल्द ही स्रोत पर कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मान लेने में कोई हर्ज नहीं कि मैहर में कानून नहीं, सेटिंग चल रही है और सिस्टम पूरी तरह नतमस्तक है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button