झारखंड में हरियाली मिशन: 3 लाख पौधे तैयार, 6 औषधीय पार्कों में लगेंगे आंवला-जामुन के पेड़

झारखंड में बढ़ेगी हरियाली, 3 लाख पौधे तैयार
Ranchi: झारखंड में हरियाली बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। वन विभाग ने औषधीय पार्कों, स्कूलों और सामुदायिक स्थलों पर लगाने के लिए करीब 3 लाख पौधे तैयार किए हैं। आमतौर पर जुलाई से पौधरोपण शुरू होता है, लेकिन इस बार अप्रैल के अंत से हो रही बारिश के कारण तैयारी तेज कर दी गई है।
औषधीय पार्कों में लगेंगे फलदार वृक्ष
राज्य में 6 औषधीय पार्क विकसित किए जा रहे हैं, जहां आंवला और जामुन जैसे फलदार पौधे लगाए जाएंगे। ये पौधे वेलनेस और आयुर्वेदिक उत्पादों में उपयोगी होंगे।
साथ ही, नर्सरी में तैयार पौधे आम लोगों को अनुदानित दर पर भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
आंवला की गुणवत्ता को मिली पहचान
कृषि विशेषज्ञ Gyanranjan Pandey के अनुसार, लोहरदगा से लेकर डाल्टेनगंज तक पिछले 10 वर्षों में बड़े पैमाने पर आंवला के पेड़ लगाए गए हैं।
आयुर्वेद से जुड़ी कंपनियों ने झारखंड के आंवला को उच्च गुणवत्ता वाला माना है।
10 लाख से अधिक पौधरोपण का लक्ष्य
वन विभाग इस साल वन भूमि पर 10 लाख से अधिक पौधे लगाने की योजना बना रहा है। इसके साथ ही 130 एकड़ नई भूमि को भी पौधरोपण के लिए चिन्हित किया गया है, जहां मानसून के दौरान वृक्षारोपण किया जाएगा।
80% पौधे बन चुके हैं पेड़
पांच साल पहले लगाए गए पौधों में से लगभग 80% अब वृक्ष का रूप ले चुके हैं।
Central Forest Productivity Institute की रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड में पौधों के संरक्षण और वृद्धि का स्तर काफी अच्छा है।
सामाजिक वानिकी को मिलेगा बढ़ावा
वन एवं पर्यावरण विभाग सामाजिक वानिकी और क्षतिपूर्ति वानिकी योजनाओं के तहत भी पौधरोपण करेगा। अतिक्रमण मुक्त कराई गई भूमि पर भी इस साल बड़े पैमाने पर पेड़ लगाए जाएंगे।



