पूर्णिया में ‘एक करोड़ दो, नहीं तो मौत’: मेडिकल कॉलेज बना रंगदारों के निशाने पर
दिनदहाड़े धमकी से मचा हड़कंप, सोशल मीडिया पर हत्या की साजिश का आरोप, प्रशासन की चुप्पी पर उठे तीखे सवाल

पूर्णिया। रंगदारों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसका ताजा उदाहरण के० नगर थाना क्षेत्र से सामने आया है। मेडिकल कॉलेज जैसे बड़े शैक्षणिक प्रोजेक्ट पर काम करा रही शिवम् हायर एजुकेशन फाउंडेशन की निर्देशिका सह भाजपा की जिला मंत्री
नूतन कुमारी उर्फ नूतन गुप्ता ने एक करोड़ रुपये रंगदारी मांगने और परिवार को जान से मारने की धमकी देने का सनसनीखेज आरोप लगाया है।
यह मामला केवल एक व्यक्ति की सुरक्षा का नहीं, बल्कि जिले की कानून-व्यवस्था की असल तस्वीर भी सामने ला रहा है।
दिनदहाड़े ‘अल्टीमेटम’, दहशत में परिवार
थाना अध्यक्ष के० नगर को दिए गए आवेदन (Ref. 230/26) के अनुसार, 4 फरवरी 2026 को दोपहर करीब 12:20 बजे गोकुलपुर पंचायत के मुखिया बताए जा रहे नीरज मेहता (पिता- रामानंद मेहता) पांच लोगों के साथ गाड़ी से पीड़िता की जमीन के पास पहुंचे।
आरोप है कि नीरज मेहता गाड़ी में ही बैठे रहे और चार लोगों को कॉलेज निर्माण कार्य करवा रही नूतन के पास संदेश देकर भेजा पीड़िता का दावा है कि उनसे कहा गया
“एक करोड़ रुपये अभी तक नहीं मिला है… क्या घर के किसी सदस्य को मारने के बाद ही पैसा देंगी?”
इसके बाद सभी लोग मौके से के. नगर की ओर निकल गए, लेकिन पीछे छोड़ गए भय और अनिश्चितता का माहौल।
18 एकड़ में बन रहा मेडिकल कॉलेज, अपराधियों की नजर!
नूतन कुमारी ने बताया कि बनियापट्टी बिठनौली मौजा में करीब 18 एकड़ जमीन शिवम् हायर एजुकेशन फाउंडेशन के नाम से रजिस्टर्ड है, जहां मेडिकल कॉलेज निर्माण का कार्य जारी है। आरोप है कि बड़े निवेश वाले इस प्रोजेक्ट को देखकर ही रंगदारी का दबाव बनाया जा रहा है।
अगर आरोप सही हैं, तो सवाल यह है
क्या पूर्णिया में शिक्षा के बड़े संस्थान भी सुरक्षित नहीं?
हत्या की साजिश का दावा, पोस्ट हुआ वायरल
मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब नूतन कुमारी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दावा किया कि उनके पति पंकज कुमार निराला की हत्या की साजिश रची जा रही है।
इस कथित साजिश में उन्होंने
गोकुलपुर पंचायत के मुखिया नीरज मेहता,के० नगर के अंचलाधिकारी दिवाकर कुमार
का नाम लिया है। पोस्ट वायरल होने के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
प्रशासन की परीक्षा—कार्रवाई या खामोशी?
पूर्णिया पहले से अपराध की घटनाओं को लेकर चर्चा में रहा है। ऐसे में दिनदहाड़े रंगदारी और हत्या की धमकी का आरोप प्रशासन के लिए सीधी चुनौती है।
सबसे बड़ा सवाल
क्या पुलिस इस मामले में तत्काल कार्रवाई करेगी?
या फिर किसी बड़ी घटना के बाद ही सिस्टम जागेगा?
पीड़िता ने साफ कहा है कि यदि रंगदारी नहीं देने पर कोई अनहोनी होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
दिल्ली से पटना तक गुहार
नूतन कुमारी ने सुरक्षा और न्याय की मांग करते हुए देश-प्रदेश के कई बड़े नेताओं और अधिकारियों से मदद की अपील की है। इनमें केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन,जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा, मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, मंगल पांडे, प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी,मनोज सिंह, जिला प्रशासन—डीएम व एसपी—समेत कई नाम शामिल हैं।
पूर्णिया के लिए चेतावनी की घंटी
यह मामला सिर्फ रंगदारी का नहीं—यह निवेश, शिक्षा और नागरिक सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है।
अगर मेडिकल कॉलेज बनाने वाले भी सुरक्षित नहीं, तो आम आदमी की सुरक्षा का क्या?
क्या अपराधियों के डर से विकास रुक जाएगा?
अब गेंद प्रशासन के पाले में है। कार्रवाई तेज हुई तो भरोसा बचेगा वरना पूर्णिया में “पहले धमकी, फिर वार” की कहानी दोहराने में देर नहीं लगेगी।



