महिला उत्पीड़न मामले में कांग्रेस विधायक पर भारत आदिवासी पार्टी का हमला

- नारी सम्मान का ढोंग बंद करे कांग्रेस, महिला उत्पीड़न मामले में घिरे इनके विधायक पर क्यों खामोश है पार्टी? : अमृत चिराग तिर्की
- सिमडेगा विधायक सह कांग्रेस जिलाध्यक्ष को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत, भारत आदिवासी पार्टी ने उठाए गंभीर सवाल
सिमडेगा। भारत आदिवासी पार्टी के सिमडेगा जिलाध्यक्ष अमृत चिराग तिर्की ने सिमडेगा विधायक सह कांग्रेस जिला अध्यक्ष भूषण बाड़ा से जुड़े महिला उत्पीड़न मामले में झारखंड हाईकोर्ट द्वारा याचिका खारिज किए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि एक तरफ कांग्रेस पार्टी और झारखंड की गठबंधन सरकार नारी शक्ति, महिला सम्मान और मंईयां सम्मान योजना का प्रचार कर रही है, वहीं दूसरी तरफ उसी पार्टी के विधायक और जिला अध्यक्ष पर महिला के साथ दुर्व्यवहार, मारपीट और धमकी जैसे गंभीर आरोपों का मामला अदालत में चल रहा है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक स्थिति है।
अमृत चिराग तिर्की ने कहा कि यह मामला वर्ष 2018 का है, जिसमें शिकायतकर्ता द्वारा आरोप लगाया गया था कि 2 जनवरी 2018 को उनके साथ दुर्व्यवहार, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी गई। इस मामले में विधायक भूषण बाड़ा सहित अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया था। मामला पहले सिमडेगा न्यायालय में चला और बाद में विधायक होने के कारण एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट, रांची में स्थानांतरित कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि आरोपियों द्वारा झारखंड हाईकोर्ट में मामले को रद्द (क्वैश) करने के लिए याचिका दायर की गई थी, लेकिन माननीय हाईकोर्ट ने 19 मई 2026 को याचिका खारिज कर दी। न्यायालय ने स्पष्ट कहा कि पहले से दर्ज शिकायतवाद को बाद में दर्ज किसी दूसरे मामले के आधार पर समाप्त नहीं किया जा सकता। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।
अमृत चिराग तिर्की ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को जनता के सामने जवाब देना चाहिए कि महिला सम्मान की बात करने वाली पार्टी अपने ही विधायक और जिला अध्यक्ष पर लगे इतने गंभीर आरोपों पर आखिर क्यों चुप है। यदि कांग्रेस सच में महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को लेकर गंभीर है, तो उसे नैतिकता के आधार पर अपने नेताओं पर भी कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत आदिवासी पार्टी महिलाओं के सम्मान, न्याय और आदिवासी समाज की आवाज को मजबूती से उठाती रही है और आगे भी ऐसे मामलों में निष्पक्ष न्याय तथा राजनीतिक जवाबदेही की मांग करती रहेगी।



