24 मार्च की दिल्ली रैली में दुमका से भी सैकड़ों लोगों की होगी भागीदारी

संताल परगना में खनन से हो रहे विस्थापन, प्रदूषण, चौपट होती खेती और बढती दुघर्टनाओं पर माकपा ने जारी की सर्वेक्षण रिपोर्ट

दुमका। झारखंड का यह क्षेत्र संविधान की 5 वीं अनुसूची के अन्तर्गत आता है जहां पीने के साफ पानी के लिए भी लोगों को संघर्ष करना पड़ता है। यहां संताल आदिवासी सहित आदिम जनजाति यानि पहाड़िया लोगों की भी अच्छी तादाद है। इस क्षेत्र में जमीन का सवाल एक प्रमुख सवाल है क्योंकि देशी विदेशी कंपनियों और कार्पोरेट घरानों की नजर यहां की खनिज संपदा पर है.हाल ही में यहां निजी कंपनियों को कोयला खनन के लिए कोल ब्लाक आवंटित किए गए हैं। ये निजी कोल कंपनियाँ यहां के आदिवासियों और अन्य गरीबों की जमीन की रक्षा के लिए बने संताल परगना काश्तकारी कानून की धज्जियाँ उड़ाते हुए स्थानीय दलालों के माध्यम से रैयतों के जमीन की लूट जारी रखे हुए हैं। अमरा पाड़ा के पचुआडा कोल ब्लाक के समीप बसे गांवों में इन दलालों का इतना आतंक है कि आम आदिवासी रैयत कंपनी के खिलाफ मुंह तक नहीं खोलते हैं। दुसरी ओर सार्वजनिक क्षेत्र के उधम कोल इंडिया की कंपनी ईसीएल ने भी कोयला खनन का काम कुख्यात आउटसोर्सिंग कंपनियों के हवाले कर दिया है। जिन्हें न तो कामगारों के हितों की परवाह है और न ही रैयतों के अधिकारों की।

मोदी सरकार द्वारा कोयला उधोग का निजीकरण किए जाने की दिशा में कदम उठाते हुए कार्पोरेट घरानों को कोल ब्लाकों की नीलामी के माध्यम से कोयला खनन के लिए यहां कोल ब्लाक आवंटित किए हैं गए। इसलिए निजी कंपनियों द्वारा जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। यह बात आज दुमका में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए सीपीएम की वरिष्ठ नेता बृन्दा कारात ने कही। वे पार्टी द्वारा आयोजित 24 मार्च की दिल्ली रैली की तैयारी मे निकाले गए जन आक्रोश यात्रा मे भाग लेने दुमका आयी हुई हैं। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राज्य सचिव प्रकाश विप्लव ने कहा की संताल परगना में कल दुमका के सिदो कान्हो स्मारक से जन आक्रोश यात्रा प्रारंभ होगी जो दुमका के विभिन्न प्रखंडों का दौरा कर पाकुड़ जिले के लिए प्रस्थान करेगा। यह यात्रा जनता के ज्वलंत जनमुद्दे – जिसमें चार लेबर कोड रद्द करने, मनरेगा वापस लाने, वी बी जी( ग्रामजी) रद्द करने, प्रस्तावित बिजली संशोधन विधेयक और बीज विधेयक वापस लेने, भारत – अमेरिकी व्यापार समझौते के खिलाफ आयोजित की जा रही है। जिसका समापन 24 मार्च की दिल्ली रैली में होगा।
प्रेस वार्ता में राज्य सचिवमंडल सदस्य एहतेशाम अहमद, सुभाष हेम्ब्रम, देवी सिंह पहाड़िया और पीटर हेम्ब्रम भी मौजूद थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button