किसानों की मेहनत को सुरक्षित रखने की ढाल बनेगा लैम्पस गोदाम: विधायक भूषण बाड़ा

  • विधायक भूषण बाड़ा ने जोगबहार, पिथरा, कोचेडेगा और बंगरू में 100 एमटीक्षमता वाले लैम्पस गोदाम का किया शिलान्यास

सिमडेगा। कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की समेकित सहकारिता परियोजना के तहत जोगबहार, पिथरा, कोचेडेगा और बंगरू में 100 एमटी क्षमता वाले लैम्पस गोदाम का सामूहिक रूप से शिलान्यास किया गया। जिले में किसानों की भंडारण व्यवस्था को मजबूत बनाने वाली इस महत्वपूर्ण परियोजना की आधारशिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष सह सिमडेगा विधायक भूषण बाड़ा और महिला जिला अध्यक्ष सह जिप सदस्य जोसिमा खाखा ने संयुक्त रूप से रखी। शिलान्यास कार्यक्रम में जिप सदस्य सामरोम पौल तोपनो, मुखिया दुर्गा उरांव, विधायक प्रतिनिधि शीतल तिर्की, प्रतिमा कुजूर, उर्मिला केरकेट्टा सहित कांग्रेस पार्टी के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में मौजूद थे।

मौके पर विधायक भूषण बाड़ा ने कहा कि सहकारिता विभाग द्वारा संचालित 100 एमटी क्षमता वाले गोदाम का निर्माण सिमडेगा के किसानों को एक नई आर्थिक सुरक्षा देगा। उन्होंने कहा कि किसान अब बाजार की मजबूरी या तत्काल बिक्री के दबाव से मुक्त होंगे, क्योंकि फसल को सुरक्षित रखने की सुविधा उन्हें सही समय पर सही मूल्य दिलाने में मदद करेगी। विधायक ने कहा कि हमारी सरकार गांव और किसान के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। यह गोदाम किसानों की मेहनत को सुरक्षित रखने की ढाल है। आने वाले दिनों में हम हर प्रखंड में ऐसी सुविधाओं का विस्तार करने की दिशा में काम करेंगे, ताकि किसी किसान को अपनी उपज सस्ते में बेचने की मजबूरी न हो।

लैम्पस गोदाम से किसानों की उपज रहेगी सुरक्षित और बढ़ेगी आय: जोसिमा खाखा
महिला जिला अध्यक्ष सह जिप सदस्य जोसिमा खाखा ने अपने संबोधन में कृषि और सहकारिता में महिलाओं की बढ़ती भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं खेती-पशुपालन और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लगातार आर्थिक रूप से आगे बढ़ रही हैं, ऐसे में भंडारण की यह सुविधा उनके लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि इस गोदाम का सबसे बड़ा लाभ महिलाओं को मिलेगा। चाहे वो कृषि उत्पाद हो, दुग्ध उत्पादन हो या एसएचजी द्वारा तैयार वस्तुएं। अब सब कुछ सुरक्षित रखा जा सकेगा, जिससे उनकी आय बढ़ेगी और बाजार तक पहुंच आसान होगी। यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी को और मजबूत करेगी। उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों से अपील की कि सहकारिता मॉडल को अपनाकर सामूहिक विकास की दिशा में कदम बढ़ाएं, क्योंकि जब गांव के लोग एकजुट होकर काम करते हैं तो विकास की गति कई गुना तेज हो जाती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button