बच्चों की सुरक्षा पर प्रशासन सख्त, डीएम ने दिए कड़े निर्देश
जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की त्रैमासिक बैठक में योजनाओं की समीक्षा, अनाथ बच्चों के सर्वे की समयसीमा तय

अररिया/डॉ.रूद्र किंकर वर्मा। जिले में बच्चों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। इसी कड़ी में जिला पदाधिकारी विनोद दूहन की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित आत्मन सभागार में जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति (डीसीडब्ल्यूपीसी) की त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में बाल संरक्षण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की गहन समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान डीएम ने कहा कि बाल संरक्षण अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषय है, इसलिए इससे जुड़े सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ गंभीरता से कार्य करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चों के अधिकारों और सुरक्षा के मामले में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
जिला पदाधिकारी ने जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (आईसीडीएस) को निर्देश दिया कि जिले में अनाथ बच्चों का व्यापक सर्वे कर उसकी रिपोर्ट 23 मार्च 2026 तक उपलब्ध कराई जाए, ताकि जरूरतमंद बच्चों के लिए समय पर आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
इसके साथ ही डीएम ने शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि आरटीई के प्रावधानों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए, जिससे वंचित एवं जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा का उनका अधिकार मिल सके।
बैठक में बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा बच्चों के समग्र विकास और सुरक्षा के लिए सभी विभागों को सक्रिय भूमिका निभाने का निर्देश दिया गया।
इस अवसर पर सहायक निदेशक जिला बाल संरक्षण इकाई, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला चिकित्सा पदाधिकारी, सहायक निदेशक जिला अल्पसंख्यक कल्याण, श्रम अधीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष एवं सदस्य, किशोर न्याय परिषद के सदस्य, जिला खेल पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।



