प्रधानाचार्य प्रो. डॉ. गुलरेज रौशन रहमान के नेतृत्व में राजेंद्र विश्व महाविद्यालय में गणतंत्र दिवस का भव्य आयोजन

- राजेंद्र मिश्र महाविद्यालय में 77वें गणतंत्र दिवस पर प्रधानाचार्य प्रो. डॉ. रहमान ने ध्वजारोहण कर किया कार्यक्रम का शुभारंभ
- संविधान, स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और छात्र-प्रतिभा को समर्पित रहा गणतंत्र दिवस
सहरसा l राजेंद्र मिश्र महाविद्यालय सहरसा परिसर में 77वें गणतंत्र दिवस का आयोजन पूरे गौरव, गरिमा और राष्ट्रभक्ति के वातावरण में किया गया। महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. डॉ. गुलरेज रौशन रहमान ने ध्वजारोहण किया और संविधान व स्वतंत्रता संग्राम के मूल्यों को आत्मसात करने का संदेश दिया।
संविधान, बलिदान और लोकतंत्र का सारगर्भित संबोधन
अपने ओजस्वी संबोधन में प्रधानाचार्य ने कहा कि भारत की आज़ादी सहज नहीं मिली, इसके लिए असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों ने त्याग और बलिदान दिए। उन्होंने 26 जनवरी 1950 को अंगीकृत विश्व के सबसे बड़े लिखित संविधान की ऐतिहासिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसी दिन भारत एक लोकतांत्रिक, प्रभुत्वसंपन्न गणराज्य के रूप में स्थापित हुआ।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि 26 जनवरी का दिन इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि वर्ष 1930 में कांग्रेस ने ‘पूर्ण स्वराज’ की घोषणा इसी दिन की थी—और उसी स्मृति में संविधान को “हम भारत के लोग” द्वारा आत्मार्पित किया गया।
धर्मनिरपेक्षता, समाजवाद और समावेशी विकास
प्रो. रहमान ने कहा कि भारतीय संविधान में धर्मनिरपेक्षता और समाजवाद जैसे मूल्यों को आत्मसात किया गया है। भारत का विकास किसी एक व्यक्ति या वर्ग का परिणाम नहीं, बल्कि वैज्ञानिकों, किसानों, मजदूरों, उद्योगपतियों, इंजीनियरों, डॉक्टरों और नौकरशाहों के सामूहिक योगदान का फल है। उन्होंने देश के विकास-पथ पर नेतृत्व के लिए प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
कोसी के गौरव और शैक्षणिक परंपरा का सम्मान
उन्होंने कोसी क्षेत्र के महान स्वतंत्रता सेनानी पंडित राजेंद्र मिश्र के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में उनके और उनके पुत्र पंडित
अमरेन्द्र मिश्र के प्रयासों से क्षेत्र को नई दिशा मिली। महाविद्यालय की गुणवत्तापूर्ण और शोधपरक शिक्षा की परंपरा को रेखांकित करते हुए उन्होंने बी.एन. मंडल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. बिमलेन्दु शेखर झा के सहयोग की सराहना की।
साथ ही राजनीति विज्ञान विभाग में जनवरी माह में पदस्थापित दो महिला सहायक प्राध्यापकों का स्वागत किया और हाल ही में आयोजित “भारतीय ज्ञान परंपरा” विषयक सेमिनार की उपयोगिता बताई।
छात्र-छात्राओं की उपलब्धियों का भव्य सम्मान
इस अवसर पर अंतर-विश्वविद्यालय एवं राजकीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं और एनएसएस स्वयंसेवकों को मंच से मेडल व प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।
प्रमुख उपलब्धियां
बैडमिंटन (ईस्ट जोन, संबलपुर): कीर्ति मुर्मू, काजल कुमारी – तृतीय स्थान
एथलेटिक्स (5000 मीटर, बेंगलुरु): हिमांशु कुमार – स्वर्ण पदक
क्रिकेट (ईस्ट जोन): मो. सफीन अफरोज – बीएनएमयू टीम प्रतिनिधित्व
विजुअल आर्ट्स (मूर्ति/इंस्टॉलेशन): रूपेश कुमार – प्रथम स्थान
संगीत व नृत्य: नीतू कुमारी, स्नेहा झा, अनुष्का प्रिया, पीयूष कुमार, मेघा कुमारी, सोनम सुप्रिया सहित कई छात्र-छात्राओं ने प्रथम/द्वितीय स्थान प्राप्त किए
ड्रामा (माइम): शिवम कुमार दास, आदित्य कुमार, वर्षा कुमारी – प्रथम स्थान
कराटे: आंचल कुमारी (40 किग्रा) व राम सागर कुमार (50 किग्रा) – स्वर्ण पदक
मिमिक्री, रंगोली, कार्टून पेंटिंग, लोक नृत्य/गायन: प्रिया रानी, प्रीति कुमारी, प्रीति मनु प्रिया, जिया कुमारी, जवाहर पासवान – उत्कृष्ट प्रदर्शन
गरिमामयी उपस्थिति और सफल संचालन
कार्यक्रम का मंच संचालन डा. शुभ्रा पाण्डेय ने किया। समारोह में पूर्व प्रधानाचार्य प्रो. डॉ. अमरनाथ चौधरी, डॉ.पी.सी. पाठक, डा. शशिभूषण ठाकुर, डा. विनोद मोहन जयसवाल, डा. किशोर नाथ झा, डा. भवानंद मिश्र, डा. मानवेंद्र झा, डा. अरविंद कुमार खां और सेवानिवृत्त शिक्षकेत्तर कर्मचारियों में प्रेमशंकर झा, बिनोद कुमार झा, अच्युतानंद झा इत्यादि विशिष्ट अतिथि
सहित अनेक वरिष्ठ शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे—जिनकी मौजूदगी ने आयोजन को और गरिमामय बना दिया।
मंच संचालन डा. शुभ्रा पाण्डेय द्वारा की गयी। इस अवसर पर महाविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षकों में डा. ललित नारायण मिश्र, डा. राजीव कुमार झा, डा. अरूण कुमार झा, डा. उर्मिला अरोड़ा, सुशील कुमार झा, डा. कविता कुमारी, डा. प्रतिष्ठा कुमारी, डा. अपर्णा, डा. अक्षय कुमार चौधरी, डा. आलोक कुमार झा, डा. डेजी कुमारी, डा. प्रशांत कुमार मनोज, डा. प्रीति कुमारी, डा. अरूण कुमार, डा. सुदीप कुमार झा, डा. बिलो राम, डा. रामावधेश कुमार, डा. गोपाल कुमार, डा. मंसूर आलम, डा. कमलाकांत झा, डा. सतीश राज, डा. मनोज कुमार, डा. धनंजय कुमार, डा लक्ष्मण, डा. अब्दुल सत्तार ,डॉ.रूद्र किंकर वर्मा,डा. पिंकी कुमारी, प्रशाखा पदाधिकारी नंदकिशोर झा, रणधीर झा, आशुतोष कुमार, आलोक कुमार, हिफाजत, सोहराब, सुमित कुमार मिश्र, रमण कुमार साह, महानंद मिश्र, उदय तिवारी, प्रमोद झा, अरूण सिंह इत्यादि मौजूद रहे।
राजेंद्र मिश्र महाविद्यालय का यह गणतंत्र दिवस समारोह न केवल संविधान और राष्ट्रभक्ति का उत्सव था, बल्कि छात्र-प्रतिभा, शैक्षणिक उत्कृष्टता और कोसी क्षेत्र की विरासत का सशक्त प्रदर्शन भी—एक ऐसा आयोजन जो प्रेरणा छोड़ गया।



