आखिर आदेश के बाद खतौनी में नाम कब होगा इंद्राज

उरई। मुख्यालय उरई की तहसील में राजस्व विभाग का मनमानी का डंका बज रहा है। एक ओर वही अधिकारी न्यायालय में बैठकर आदेश करते हैं। तो वहीं पैसे के लेनदेन के चक्कर में आदेश को खतौनी में नहीं चढाते है और किसानों को अंश निर्धारण के नाम पर परेशान करते हैं। बताते चलें तहसील माधौगढ मालवीय नगर निवासी पत्रकार मनोज कुमार पुत्र रामचरन ने एक शिकायती पत्र तहसीलदार उरई को देते हुए बताया कि उसने लहारिया पुरवा मे एक आराजी की खरीद बर्ष 2019 में की जिसका आदेश त्वरित किया गया है। पर आज तक खतौनी पर नही चढाया गया है।
जबकि हमारे बाद भी इसी रकवे में और भी आराजी बिकी जिसे खतौनी में दर्ज कराया गया है। जानबूझकर मुझे परेशान करने और धन लेने की नीयत से मेरा नाम खतौनी में नहीं चढाया गया है। पत्रकार ने राजस्व विभाग पर आरोप जडा कि इस कृत्य में पूर्व और वर्तमान के सभी अधिकारी समलित है पत्रकार ने बताया कि उक्त प्रकरण की शिकायत तहसीलदार उरई जिलाधिकारी जालौन अपरजिलाधिकारी जालौन और मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गयी है अगर समस्या का समाधान नहीं हूआ तो वह न्यायालय की शरण में जाने के लिए बाध्य होगे



