बेगूसराय में DIG का ऐतिहासिक जनता दरबार: आम जनता की पीड़ा बनी पुलिस की प्राथमिकता, त्वरित कार्रवाई के सख्त निर्देश

बेगूसराय। जिले के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) ने अपने कार्यालय में एक अभूतपूर्व जनता दरबार का आयोजन किया, जहां सैकड़ों आम नागरिकों ने अपनी लंबे समय से लटकी समस्याओं को रखा। सुबह 10 बजे से शुरू हुए इस कार्यक्रम में डीआईजी महोदय ने हर शिकायत को गंभीरता से सुना और संबंधित थाना प्रभारियों व पुलिस अधिकारियों को 24 घंटे के अंदर समाधान करने के सख्त निर्देश दिए। यह आयोजन न केवल बेगूसरायवासियों के लिए राहत की सांस बना, बल्कि पूरे बिहार पुलिस की जन-केंद्रित छवि को मजबूत करने वाला कदम साबित हुआ। ग्रामीणों ने जमकर सराहना की, खासकर उन लोगों ने जो चोरी, मारपीट, भूमि विवाद और पारिवारिक झगड़ों से पीड़ित थे। एक बुजुर्ग महिला ने भावुक होकर कहा, आज पहली बार लगा कि पुलिस हमारी है, न कि सिर्फ अपराधियों की!”जनता की प्रमुख शिकायतें और डीआईजी के वादे:
चोरी व लूटपाट के मामले: प्रभावितों को एफआईआर दर्ज कराने और आरोपी पकड़ने का आश्वासन। भूमि विवाद: तत्काल जांच टीम गठित, अदालती कार्रवाई में तेजी। महिलाओं की सुरक्षा: विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी, रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने के आदेश। युवाओं की बेरोजगारी से जुड़ी गुंडागर्दी: सख्ती से निपटने का प्लान। डीआईजी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, पुलिस का काम सिर्फ अपराध रोकना नहीं, बल्कि जनता की हर छोटी-बड़ी समस्या हल करना भी है। कोई शिकायत लंबित नहीं रहेगी। इस दरबार में 200 से अधिक मामले दर्ज हुए, जिनमें से 50% का तुरंत निपटारा शुरू हो गया। बिहार पुलिस की नई पहल का हिस्सा: यह आयोजन बिहार पुलिस की ‘जनता के साथ पुलिस’ अभियान का हिस्सा है, जो हर माह आयोजित होगा। इससे न केवल अपराध दर घटीगी, बल्कि पुलिस-जनता के बीच विश्वास की खाई भी पाटी जाएगी। बेगूसराय जैसे संवेदनशील जिले में यह कदम अपराधियों के लिए चेतावनी है कि अब जनता अकेली नहीं।
स्थानीय व्यवसायी संघ ने डीआईजी को धन्यवाद देते हुए कहा, ऐसे कार्यक्रमों से शहर सुरक्षित बनेगा। जल्द ही सोशल मीडिया पर डीआईजी जनता दरबार ट्रेंड कर रहा है, जो इसकी लोकप्रियता का प्रमाण है। बेगूसराय पुलिस ने घोषणा की कि अगला जनता दरबार मई के पहले सप्ताह में होगा। इच्छुक नागरिक कार्यालय पहुंचकर अपनी बात रख सकते हैं। यह खबर बिहार के हर कोने तक पहुंच रही है, जहां लोग उम्मीद बांधे बैठे हैं।



