03 से 09 मार्च तक चलेगा विशेष साप्ताहिक जनजागरूकता अभियान

पटना। पटना जिले में आगामी अग्नि प्रवण काल के मद्देनजर आगजनी की घटनाओं की रोकथाम तथा जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला अग्निशमन पदाधिकारी, पटना के नेतृत्व में 03 मार्च से 09 मार्च 2026तक विशेष साप्ताहिक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम जनता को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक करना तथा संभावित आग की घटनाओं से बचाव के उपायों की जानकारी देना है। इस सात दिवसीय अभियान के तहत अग्निशमन विभाग की टीमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। विशेष रूप से झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों, संकीर्ण गलियों (तंग इलाकों), घनी आबादी वाले क्षेत्रों तथा शैक्षणिक एवं व्यावसायिक संस्थानों में लोगों को अग्नि सुरक्षा के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
आम जनमानस तक संदेश पहुँचाने के लिए आधुनिक एवं पारंपरिक दोनों माध्यमों का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत पटना जिले के विभिन्न स्थानों पर नुक्कड़ नाटक, कैनोपी एक्टिविटी, पैम्फलेट वितरण तथा हॉटस्पॉट क्षेत्रों में होर्डिंग और बैनर लगाए गए हैं। इसके साथ ही डिजिटल वॉल पेंटिंग के माध्यम से भी आग से बचाव के संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर कैनोपी लगाकर सूचना केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहाँ आम नागरिकों को आग से बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है। वहीं कंकड़बाग, दानापुर एवं लोदीपुर क्षेत्रों में रोड शो के माध्यम से लोगों को सतर्क रहने का संदेश दिया गया।
इसके अतिरिक्त पटना सिटी और दानापुर के तीन अलग-अलग स्थानों पर नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से आग से बचाव के तरीकों का जीवंत प्रदर्शन किया गया, जिससे आम लोगों को व्यवहारिक रूप से सुरक्षा उपायों की जानकारी मिल सके। अभियान के तहत पटना शहर के लगभग 60 विभिन्न स्थानों पर बैनर और होर्डिंग लगाए गए हैं तथा दीवार लेखन का कार्य भी युद्धस्तर पर जारी है। लोगों को लगातार जागरूक करने के लिए *लाउडस्पीकर के माध्यम से माइकिंग कर सावधानी बरतने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। साथ ही लोदीपुर, पटना सिटी एवं दानापुर में आयोजित कार्यशालाओं में जीविका दीदी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, गणमान्य नागरिकों तथा आम जनता को आग बुझाने के व्यावहारिक तरीकों का प्रशिक्षण दिया गया। इसके अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं सामुदायिक प्रतिनिधियों के साथ बैठकें कर क्षेत्रीय स्तर पर सुरक्षा ढाँचे को मजबूत बनाने पर भी चर्चा की गई।



