फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट, देवघर में ‘स्वीट टूथ कंपटीशन’ का भव्य आयोजन, छात्रों ने दिखाई रचनात्मकता और नवाचार

देवघर। फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट, देवघर में छात्रों की रचनात्मकता, नवाचार और पाक-कला को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से “स्वीट टूथ कंपटीशन : शो योर आर्ट एंड क्राफ्ट ऑफ स्वीट्स” का भव्य आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में संस्थान के सभी छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विभिन्न टीमों ने पारंपरिक व आधुनिक शैलियों में आकर्षक, स्वादिष्ट एवं कलात्मक मिठाइयाँ तैयार कर अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

पूरी प्रतियोगिता के दौरान छात्रों ने पारंपरिक मिठाइयों में नवीनता लाते हुए उन्हें आधुनिक स्वरूप देने की सराहनीय कोशिश की, जो काफी सफल रही। पारंपरिक व्यंजनों को रचनात्मकता के साथ नया रूप देकर उन्हें आधुनिक स्वाद और आकर्षक प्रस्तुति प्रदान की गई, जिससे ये व्यंजन नई पीढ़ी के अनुरूप बन सके।

यह कार्यक्रम वरिष्ठ व्याख्याता शेफ अनुपम आलोक की देखरेख में संपन्न हुआ। इस अवसर पर संस्थान के प्राचार्य डॉ. नृपेन्द्र सिंह लिंगवाल की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रतियोगिता में प्रस्तुत की गई मिठाइयों ने उपस्थितजनों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
प्रतियोगिता में टीमों द्वारा प्रस्तुत व्यंजन इस प्रकार रहे।

टीम 1 — दही कॉफी मूस।
टीम 2 — दूध मोदक।
टीम 3 — चीज कुनाफा एवं थाल-ए-रबड़ी।
टीम 4 — स्वीट वोल्कैनो।
टीम 5 — अमृत सुंदरी एवं पपीता सुंदरी।
टीम 6 — सेवई बर्ड्स नेस्ट एवं टार्टूफी पिस्ता कोरमा।
टीम 7 — पान कोकोनट लड्डू।

प्रतिभागियों ने स्वाद और बनावट के साथ-साथ प्रस्तुति, सजावट, नवीनता और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया, जिससे प्रतियोगिता का स्तर काफी ऊँचा रहा। निर्णायकों एवं शिक्षकों ने सभी व्यंजनों का मूल्यांकन स्वाद, बनावट, प्रस्तुति और रचनात्मकता के आधार पर किया तथा छात्रों को उपयोगी सुझाव और मार्गदर्शन भी प्रदान किया।
प्राचार्य डॉ. नृपेन्द्र सिंह लिंगवाल ने छात्रों की मेहनत और प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएँ कौशल विकास, आत्मविश्वास और पेशेवर दक्षता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यह मंच छात्रों को अपनी रचनात्मकता प्रदर्शित करने का बेहतरीन अवसर देता है।

कार्यक्रम के दौरान पूरे परिसर में सृजनात्मकता, उत्साह और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का सकारात्मक माहौल बना रहा। अंत में सभी प्रतिभागियों को उनके उत्कृष्ट प्रयासों के लिए सराहा गया और भविष्य में ऐसे आयोजनों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर प्रशासनिक सह लेखा अधिकारी सुरोजित नामता, व्याख्याता डॉ. श्वेता नृपेन्द्र लिंगवाल तथा सहायक व्याख्याता खिलेश पटेल भी उपस्थित रहे और छात्रों का उत्साहवर्धन किया।
यह आयोजन संस्थान द्वारा छात्रों के समग्र विकास और व्यावसायिक कौशल निखारने की दिशा में एक सराहनीय पहल साबित हुआ।

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