एक मजदूर, तीन नाम: मनरेगा हाजिरी में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर

ऑनलाइन मास्टररोल जांच में एक ही फोटो तीन अलग-अलग नामों से दर्ज, जांच के आदेश

माधौगढ़ (जालौन)। विकास खंड माधौगढ़ की अतरौली ग्राम पंचायत में मनरेगा कार्यों की हाजिरी में गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है। ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम में दर्ज मास्टररोल की जांच के दौरान एक ही व्यक्ति की फोटो तीन अलग-अलग नामों महाराजसिंह, रामसिंह और शंभूदयाल से दर्ज पाई गई है, जिससे पूरे मामले में फर्जीवाड़े की आशंका गहरा गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत में वर्तमान में दो मनरेगा कार्य संचालित हैं। पहला कार्य गंगा के खेत से राघव के खेत तक चकबंध निर्माण (आईडी: 3138003/LD/958486255824948041) तथा दूसरा कार्य रघुवीर के खेत पर बंधा निर्माण (आईडी: 3138003045/WC/958486255823316252) है। इन दोनों कार्यों के मास्टररोल में दर्ज हाजिरी की जांच के दौरान एक ही व्यक्ति की फोटो अलग-अलग नामों से सामने आने पर पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि एक ही व्यक्ति तीन अलग-अलग नामों से हाजिरी लगा रहा है, तो यह न केवल नियमों का उल्लंघन है बल्कि सरकारी धन के दुरुपयोग की ओर भी इशारा करता है। इससे मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठने लगे हैं।मामले के उजागर होने के बाद ग्राम पंचायत स्तर पर निगरानी व्यवस्था और कागजी कार्यवाही की पारदर्शिता को लेकर भी कई प्रश्न खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय पर सही निगरानी होती, तो इस प्रकार की अनियमितता सामने नहीं आती।इस संबंध में डीसी मनरेगा रामेन्द्र सिंह ने बताया कि अतरौली ग्राम पंचायत में चल रहे कार्यों की जांच कराई जाएगी। यदि जांच में कोई अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मनरेगा की साख पर असर
इस घटना ने मनरेगा की ऑनलाइन मॉनिटरिंग प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी व्यवस्था में सुधार और सख्त निगरानी के बिना इस तरह की गड़बड़ियों को रोक पाना मुश्किल होगा।

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