जालौन कृषि विज्ञान केंद्र में पोषण प्रशिक्षण, 25 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मिली किचन गार्डन किट

उरई (जालौन)। कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) में मंगलवार को गर्भवती महिलाओं, धात्री (स्तनपान कराने वाली) माताओं के बेहतर पोषण प्रबंधन एवं कुपोषण मुक्त समाज के निर्माण के उद्देश्य से एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 25 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। प्रशिक्षण का संचालन कृषि विज्ञान केंद्र की गृह वैज्ञानिक डॉ. राजकुमारी ने किया।
प्रशिक्षण के दौरान डॉ. राजकुमारी ने बताया कि गर्भावस्था के समय महिलाओं को सामान्य से अधिक ऊर्जा, प्रोटीन, आयरन और फोलिक एसिड की आवश्यकता होती है। उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को ग्रामीण महिलाओं को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध मौसमी फल, हरी पत्तेदार सब्जियां, दूध तथा मोटे अनाज जैसे बाजरा और रागी को नियमित भोजन में शामिल करने के लिए प्रेरित करने की सलाह दी।

उन्होंने धात्री माताओं के लिए जन्म के बाद शुरुआती छह माह तक केवल स्तनपान कराने के महत्व पर विशेष जोर दिया। साथ ही बताया कि पर्याप्त दूध उत्पादन और मां के अच्छे स्वास्थ्य के लिए तरल पदार्थ, कैल्शियम एवं प्रोटीन युक्त आहार आवश्यक है।
प्रशिक्षण में कुपोषण से बचाव के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। डॉ. राजकुमारी ने बताया कि संतुलित एवं पौष्टिक आहार अपनाकर एनीमिया (खून की कमी) तथा बच्चों में कुपोषण जैसी गंभीर समस्याओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर पोषण के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।

25 कार्यकर्ताओं को वितरित की गई किचन गार्डन किट
कार्यक्रम के समापन पर कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से सभी 25 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को निःशुल्क ‘किचन गार्डन किट’ (पोषण वाटिका किट) वितरित की गई। इस किट के माध्यम से गांवों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों पर पोषण वाटिका विकसित की जाएगी, जिससे गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को घर के पास ही ताजा, रसायन मुक्त और पौष्टिक सब्जियां जैसे पालक, लौकी, टमाटर, लोबिया आदि उपलब्ध हो सकें।
समापन अवसर पर डॉ. राजकुमारी ने कहा कि प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को प्रत्येक गांव और प्रत्येक परिवार तक पहुंचाना सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है। उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से जालौन को कुपोषण मुक्त और स्वस्थ जिला बनाने के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

 

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