नामांकन के बाद बोले रवि राउत: पूनासी डैम का पानी पहली प्राथमिकता, नगर निगम क्षेत्र का होगा समग्र विकास

Deoghar : देवघर नगर निगम चुनाव में मेयर पद के प्रत्याशी रवि राउत ने नामांकन दाखिल करने के पश्चात पत्रकारों से बातचीत करते हुए अपनी प्राथमिकताओं और भावी योजनाओं को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि यदि जनता उन्हें मेयर के रूप में सेवा करने का अवसर देती है, तो उनका सबसे पहला लक्ष्य नगर निगम क्षेत्र की जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना होगा।
रवि राउत ने कहा कि देवघर नगर निगम क्षेत्र में पेयजल की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। ऐसे में पूनासी डैम से जल्द से जल्द नगर निगम क्षेत्र की जनता को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना उनकी पहली और सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता होगी। उन्होंने बताया कि इसके लिए राज्य सरकार और संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर ठोस योजना बनाई जाएगी, ताकि हर घर तक पानी पहुंच सके और लोगों को जल संकट से राहत मिले।
उन्होंने आगे कहा कि केवल पानी ही नहीं, बल्कि नगर निगम क्षेत्र का समग्र विकास उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। सड़कों की मरम्मत और चौड़ीकरण, नालियों की सफाई एवं निर्माण, बेहतर स्ट्रीट लाइट व्यवस्था, साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन और सार्वजनिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उनका उद्देश्य देवघर को एक स्वच्छ, सुंदर और सुव्यवस्थित नगर के रूप में विकसित करना है।
रवि राउत ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि नगर निगम कार्यालय में आम जनता को प्रमाण पत्रों के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। जाति, आय और आवास प्रमाण पत्र जैसे जरूरी दस्तावेजों के लिए प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाएगा, ताकि लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके लिए डिजिटल व्यवस्था को और मजबूत करने के साथ-साथ जनसुविधा केंद्रों को सक्रिय किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम जनता की संस्था है और इसमें पारदर्शिता व जवाबदेही सबसे अहम है। हर निर्णय में जनता की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी और विकास कार्यों की जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा की जाएगी। भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी, ताकि विकास कार्यों का लाभ सीधे जनता तक पहुंचे।
अंत में रवि राउत ने देवघर की जनता से अपील करते हुए कहा कि वे उन्हें सेवा का अवसर दें, ताकि नगर निगम क्षेत्र को विकास की नई दिशा दी जा सके और देवघर को एक आदर्श नगर के रूप में स्थापित किया जा सके।



