महादलित की गुहार: बरौनी के असुरारी में पंचमी भूमि और आवास की मांग

बेगूसराय। जिले के बरौनी अंचल के ग्राम असुरारी में रहने वाले एक गरीब महादलित परिवार ने प्रशासन के दरवाजे पर दस्तक दी है। स्वर्गीय जूनसादा सिंह की पत्नी मंगली देवी ने शुक्रवार को अंचल अधिकारी को एक सविनय आवेदन सौंपा, जिसमें पंचमी भूमि आवंटन और इंदिरा आवास योजना के तहत स्थायी मकान उपलब्ध कराने की गुहार लगाई गई है। 5 सदस्यों वाले इस परिवार पर मजदूरी का एकमात्र सहारा है, और उनके पास न तो कोई जमीन का टुकड़ा है और न ही पक्का आशियाना।मंगली देवी ने आवेदन के दौरान बताया कि उनका परिवार बिहार सरकार की महादलित श्रेणी में आता है और पूर्ण रूप से भूमिहीन है। “हमारा पूरा परिवार गरीबी की चपेट में है। पुरुष सदस्य मजदूरी करते हैं, लेकिन काम न मिलने पर भुखमरी की नौबत आ जाती है।
बारिश के मौसम में टूट-फूटू झोपड़ी में रहना मुश्किल हो जाता है। सरकारी योजनाओं का लाभ हमें मिलना चाहिए, ताकि हम सम्मानजनक जीवन जी सकें,” मंगली ने भावुक होकर कहा। आवेदन के साथ बीपीएल कार्ड, महादलित प्रमाण-पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज संलग्न किए गए हैं।अंचल कार्यालय से अभी तक इस आवेदन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि असुरारी और आसपास के गांवों में दर्जनों भूमिहीन परिवार इसी तरह की समस्याओं से जूझ रहे हैं। एक ग्रामीण ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, यहां महादलित और अति पिछड़ा वर्ग के कई परिवार बिना जमीन और घर के जीवन यापन कर रहे हैं। पंचमी भूमि का वितरण वर्षों से लंबित है, जबकि इंदिरा आवास योजना के तहत भी लाभार्थियों की सूची में देरी हो रही है।
प्रशासन को इनकी सुनवाई करनी चाहिए।”बिहार सरकार की पंचमी भूमि नीति के तहत भूमिहीन और गरीब परिवारों को सरकारी जमीन आवंटित की जाती है, जबकि इंदिरा आवास योजना (प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना का हिस्सा) कच्चे घरों को पक्का करने या नए मकान बनाने में सहायता प्रदान करती है। क्षेत्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि बेगूसराय जैसे जिलों में भूमि विवाद और कागजी कार्रवाई के कारण ये योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू नहीं हो पा रही हैं। जिला प्रशासन से उम्मीद है कि मंगली देवी के आवेदन पर शीघ्र कार्रवाई होगी और अन्य प्रभावित परिवारों को भी न्याय मिलेगा। विकास की दौड़ में ऐसे वंचितों को पीछे न छोड़ने की अपील उठ रही है।



