गांधी जयंती एवं शास्त्री जयंती पर मॉडर्न समूह के विद्यालयों में चित्रांकन प्रतियोगिता
रंगों के माध्यम से विद्यार्थियों ने गांधी के विचारों और राष्ट्रनिर्माण के संदेश को किया अभिव्यक्त

निर्भय कुमार
नवादा। गांधी जयंती एवं शास्त्री जयंती के अवसर पर मॉडर्न शैक्षणिक समूह के सभी विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए विशेष चित्रांकन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मकता, कलात्मक अभिव्यक्ति तथा राष्ट्रनायकों के विचारों और आदर्शों के प्रति समझ विकसित करना रहा। 2 अक्टूबर को देशभर में महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती मनाई जाती है।

प्रतियोगिता को विद्यार्थियों की आयु एवं कक्षा के अनुरूप *तीन संवर्गों में विभाजित किया गया था। कक्षा तृतीय से पंचम तक के विद्यार्थियों के लिए गांधी जी की तस्वीर, गांधी जी का चश्मा, गांधी जी का चरखा तथा गांधी जी के तीन बंदर एवं उनके संदेश विषय निर्धारित किए गए। नन्हे कलाकारों ने रंगों और रेखाओं के माध्यम से गांधीजी के व्यक्तित्व तथा उनके विचारों को कागज पर उकेरने का प्रयास किया।
कक्षा षष्ठ से अष्टम तक के विद्यार्थियों के लिए ग्राम्य जीवन, स्वच्छ भारत अभियान तथा चरखा चलाते महात्मा गांधी विषय रखे गए। विद्यार्थियों ने ग्रामीण भारत की जीवनशैली, स्वच्छता के महत्व और स्वदेशी भावना को अपनी कलाकृतियों के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इन चित्रों में प्रकृति, ग्रामीण परिवेश, श्रम, स्वच्छता और आत्मनिर्भरता जैसे विषयों की सुंदर झलक देखने को मिली।

वहीं, कक्षा नवम से द्वादश तक के विद्यार्थियों के लिए भारत छोड़ो आंदोलन, खादी ग्रामोद्योग तथा ब्रिक्स सम्मेलन 2026 जैसे विषय निर्धारित किए गए। वरिष्ठ विद्यार्थियों ने ऐतिहासिक घटनाओं के साथ-साथ समकालीन भारत की भूमिका और वैश्विक मंच पर देश की उपस्थिति को चित्रों के माध्यम से अभिव्यक्त किया। भारत की स्वतंत्रता यात्रा, गांधीजी के स्वदेशी विचार तथा आधुनिक भारत की बदलती तस्वीर उनकी कलाकृतियों में दिखाई दी।

विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई चित्रकृतियां आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। शिक्षकों ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियां पाठ्यपुस्तकों से आगे बढ़कर बच्चों को इतिहास, संस्कृति, राष्ट्रनायकों के विचारों और सामाजिक सरोकारों से जोड़ती हैं। चित्रांकन प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि गांधीजी के सत्य, अहिंसा, स्वदेशी, स्वच्छता और सेवा जैसे विचार आज भी प्रासंगिक हैं। वहीं, लाल बहादुर शास्त्री की सादगी, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई है। इस रचनात्मक आयोजन ने गांधी जयंती एवं शास्त्री जयंती को विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, कला और प्रेरणा से जोड़ते हुए विशेष बना दिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी विद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षिकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



