उपायुक्त ने बैठक में निजी विद्यालयों द्वारा ली जाने वाली फीस और उनके संचालन को लेकर दिया आवश्यक दिशा निर्देश

उपायुक्त ने सभी विद्यालयों में शुल्क समिति गठन करने का दिया निर्देश

देवघर। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा की अध्यक्षता में 02 अप्रैल 2026 को समाहरणालय सभागार में निजी विद्यालयों के प्रधानाध्यापक व प्रभारी प्रधानाध्यापकों के साथ झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण (संशोधन) अधिनियम, 2017 के आलोक में शुल्क समिति के गठन एवं शुल्क विनियमन से संबंधित कार्यों की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया।

इसके अलावा बैठक के दौरान उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने सभी निजी विद्यालयों से ‘शुल्क समिति’ के गठन की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। जिन विद्यालयों ने अब तक इस समिति का गठन नहीं किया है, उन्हें अविलंब गठन करने का सख्त निर्देश दिया गया है। साथ ही उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि यदि कोई विद्यालय पिछले शैक्षणिक सत्र की तुलना में 10 प्रतिशत से अधिक शुल्क वृद्धि करना चाहता है, तो उसे ‘जिला समिति’ से अनिवार्य रूप से अनुमोदित कराना होगा। बिना पूर्व अनुमति के ऐसी वृद्धि अवैध मानी जाएगी। इसके अतिरिक्त उपायुक्त ने कड़े शब्दों में कहा कि विद्यालय परिसर और वहां उपलब्ध संसाधनों का उपयोग केवल और केवल शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए ही किया जाए।

बैठक में झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण (संशोधन) अधिनियम, 2017 के प्रावधानों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। वही जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देशित किया गया है कि शिक्षा के अधिकार (RTE) के दायरे से बाहर आने वाले निजी विद्यालयों को भी संबंधित दिशा-निर्देश भेजें और यह सुनिश्चित करें कि वे भी नियमों के दायरे में कार्य करें। बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी निजी विद्यालयों को निर्देशित किया कि बच्चों एवं अभिभावकों के हितों में कार्य करें, ताकि किसी को असुविधा न हो।
इस दौरान उपरोक्त के अलावा जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी, निजी स्कूलों के प्रधानाध्यापक, प्रतिनिधि व संबंधित विभाग के अधिकारी एवं कर्मी आदि उपस्थित थे।

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