कालपी के बाल साहित्यकार ‘कोमल’ की कविता को प्रसिद्ध गायक प्रमोद चोपदार ने दिया स्वर

- महाराष्ट्र की पाठ्यपुस्तक ‘बाल भारती’ में शामिल है कविता ‘झूम झूम झमाझम’
कालपी (जालौन): बुंदेलखंड के लिए गौरव की बात है कि कालपी निवासी प्रतिष्ठित बाल साहित्यकार श्याम सुंदर श्रीवास्तव ‘कोमल’ की बाल कविता ‘झूम झूम झमाझम’ को मुंबई के प्रसिद्ध संगीतकार एवं गायक प्रमोद चोपदार ने संगीतबद्ध कर अपना स्वर प्रदान किया है। इस कविता को महाराष्ट्र राज्य की कक्षा एक की पाठ्यपुस्तक ‘बाल भारती’ में शामिल किया गया है, जिसे प्रदेश के विद्यालयों में पढ़ाया जा रहा है।इस उपलब्धि पर स्थानीय नगर के शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों तथा समाजसेवियों ने खुशी जताई है।
कवि कोमल की इस रचना की संकल्पना एवं निर्माण वर्षा प्रमोद चोपदार ने किया है। बच्चों की मानसिक क्षमता, रुचि और बौद्धिक स्तर को ध्यान में रखकर लिखी गई यह कविता बाल साहित्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। कालपी के कवि
श्याम सुंदर श्रीवास्तव ‘कोमल’ की अनेक रचनाएं देश के विभिन्न विद्यालयों के पाठ्यक्रम में शामिल हैं। उनकी साहित्यिक सेवाओं के लिए उन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं। हाल ही में राजस्थान के नाथद्वारा में उन्हें ‘बाल साहित्य भूषण’ की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। उनकी इस उपलब्धि पर क्षेत्र के साहित्यकारों, शिक्षकों, शिक्षाविदों और पत्रकारों ने हर्ष व्यक्त करते हुए शुभकामनाएं दी है।



