लापरवाही की मार झेल रही जनता, अधूरी सड़क बनी सिरदर्द

कुरडेग : प्रखंड क्षेत्र में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत झिरकामुंडा परकला से खिंडा झुनकाछापर होते हुए ढोढ़ी तक लगभग 08 किलोमीटर लंबी कालीकरण पथ का निर्माण कार्य इन दिनों आम जनता के लिए भारी परेशानी और चिंता का विषय बन गया है। सड़क निर्माण के नाम पर पुराने पथ ढांचे को उखाड़कर मेटलीकरण का कार्य तो कर दिया गया, लेकिन कई स्थानों पर कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है। कहीं सड़क को पूरी तरह खोदकर छोड़ दिया गया है तो कहीं केवल गिट्टी बिछाकर काम रोक दिया गया है। सड़क का उद्घाटन 16/03/2024 को हुआ था और आज करीब 2 साल बीत गए जस का तस रोड बनना शुरू हुआ ही नहीं, परिणामस्वरूप पूरी सड़क निर्माणाधीन अवस्था में पड़ी है, और आम लोगों का आवागमन अत्यंत कष्टदायक हो गया है।
यह सड़क कई गांवों को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है। इसी रास्ते से प्रतिदिन सैकड़ों ग्रामीण, किसान, मजदूर, स्कूली छात्र-छात्राएं, शिक्षक एवं मरीज आवागमन करते हैं। वर्तमान स्थिति यह है कि सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। ढीली गिट्टी बिखरी पड़ी है और धूल का गुबार दिनभर उड़ता रहता है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह मार्ग जान-जोखिम भरा बन चुका है। आए दिन बाइक और साइकिल फिसलने की घटनाएं हो रही हैं। कई ग्रामीणों को चोट भी लग चुकी है, लेकिन अब तक प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य में अत्यधिक लापरवाही बरती जा रही है। संवेदक द्वारा कार्य को अधूरा छोड़ दिए जाने से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि कार्य समय के साथ और गुणवत्ता के साथ किया जाता तो आज यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। प्रतिदिन स्कूल जाने के दौरान उन्हें धूल और गिट्टी से भरी इस सड़क से गुजरना पड़ता है। कई अभिभावकों ने बताया कि बच्चों के कपड़े धूल से भर जाते हैं और सांस लेने में दिक्कत होती है। बुजुर्गों और मरीजों के लिए तो यह मार्ग और भी कष्टदायक हो गया है।

आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस का आवागमन भी प्रभावित हो सकता है, जिससे गंभीर हालात पैदा होने की आशंका बनी हुई है। सड़क से लगातार उड़ती धूल के कारण आसपास के घरों और दुकानों में भी परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि जल्द ही सड़क का कालीकरण कार्य पूरा नहीं किया गया तो श्वासन संबंधी बीमारियां फैल सकती हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इससे पूर्व भी सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी, कुरडेग को उपायुक्त सिमडेगा के नाम लिखित ज्ञापन सौंपा गया था। इसके बावजूद अब तक न तो निर्माण कार्य में तेजी लाई गई और न ही किसी प्रकार की सख्त कार्रवाई की गई। इससे प्रशासनिक उदासीनता पर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि जब योजना जनता की सुविधा के लिए है, तो फिर जनता ही क्यों त्रस्त हो रही है, गांव के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि जल्द ही निर्माण कार्य को पूर्ण नहीं कराया गया तो ग्रामीण सामूहिक रूप से आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
उनका स्पष्ट कहना है कि सड़क जैसी बुनियादी सुविधा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब तक ग्रामीण अधूरी सड़क, उड़ती धूल और दुर्घटनाओं के खतरे के बीच जीवन जीने को मजबूर रहेंगे। क्या प्रशासन समय रहते हस्तक्षेप कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई करेगा और निर्माण कार्य को गुणवत्तापूर्ण ढंग से शीघ्र पूरा कराएगा, या फिर यह सड़क यूं ही लापरवाही की भेंट चढ़ी रहेगी। ग्रामीणों की मांग है कि अविलंब जांच कर दोषी संवेदक के खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा सड़क निर्माण कार्य को समय पर पूरा कराया जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके और यह मार्ग फिर से सुगम एवं सुरक्षित बन सके।



