फैमिली यूनिट, फिटमेंट फैक्टर, मंहगाई भत्ता मर्जर और ओ पी एस बहाली जैसी प्रमुख मांगें रखी गईं : ओ पी शर्मा

आठवें वेतन आयोग के साथ एआईआरएफ की बैठक संपन्न

आशा के अनुरूप होगी बढ़ोतरी – मो ज़्याऊद्दीन

धनबाद। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए वेतन तथा अन्य सुविधाओं में वर्तमान आर्थिक परिप्रेक्ष्य में आवश्यक बढ़ोतरी के लिए गठित आठवें वेतन आयोग की बैठकों का दौर शुरू हो गया है। 28 से 30 अप्रैल तक नई दिल्ली में सम्पन्न हुए संयुक्त परामर्शदात्री संस्था की राष्ट्रीय समिति के साथ आठवें वेतन आयोग की बैठक में ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन द्वारा फैमिली यूनिट, फिटमेंट फैक्टर, मंहगाई भत्ता मर्जर और ओ पी एस बहाली जैसी प्रमुख मांगें रखी गईं।
उक्त जानकारी देते हुए कहा के जोनल सेक्रेटरी ओ पी शर्मा और ईसीआरकेयू के मिडिया प्रभारी एन के खवास ने जानकारी दी है कि आठवें वेतन आयोग को लेकर देशभर के केंद्रीय कर्मचारियों में हलचल तेज है। 28 से 30 अप्रैल तक दिल्ली में अहम बैठक हुई। दिल्ली में संयुक्त परामर्शदात्री संस्था की राष्ट्रीय समिति की बैठक में आठवें वेतन आयोग की अध्यक्षा रंजना प्रकाश देसाई खुद मौजूद थीं। ऑल इंडिया रेलवेमेन्स फेडरेशन के महामंत्री सह संयुक्त परामर्शदात्री संस्था की राष्ट्रीय समिति के सचिव शिव गोपाल मिश्रा ने बेबाकी से अपनी बात रखी है।

इनमें से प्रमुख मुद्दे इस प्रकार हैं:-
‌ 1- बेसिक वेतन निर्धारण के लिए आधार तत्व फैमिली यूनिट में मां-बाप को भी शामिल किया जाए और परिवार की गणना 5 यूनिट के आधार पर हो।
2- सातवें वेतन आयोग की कमियों को दूर करने के लिए मुख्य रूप से 5 बड़े बदलावों की मांग की गई है:
प्रमोशन पर 2 इंक्रीमेंट, भत्तों में 3 गुना बढ़ोतरी, मृत्यु पर 2 करोड़ का मुआवजा, महिलाओं के लिए विशेष सुविधाएं तथा युवाओं के लिए बेहतर वर्किंग कंडीशन उपलब्ध कराया जाए ।
3- न्यूनतम वेतन निर्धारण में फिटमेंट फैक्टर का आधार डॉ. एक्रॉयड के फॉर्मूले और आज की जमीनी हकीकत पर आधारित है। 5 यूनिट परिवार के हिसाब से कैलकुलेट करने पर फिटमेंट फैक्टर 3.83 निकल कर आता है। इस आधार पर 18,000 वाली मौजूदा न्यूनतम सैलरी कम से कम ₹69,000 होनी चाहिए।
4- चिल्ड्रन एजुकेशन अलाउंस कम से कम दस हजार रुपए प्रति माह होना चाहिए।
5- स्वास्थ्य को लेकर सी जी एच एस कार्डधारकों को कैशलेस इलाज में आ रही दिक्कतों को दूर किया जाए।
6- रेलवे में काम करने वाले ट्रैकमैन, लोको पायलट, टीआरडी और सिग्नलिंग स्टाफ की जोखिम भरी ड्यूटी और उन्हें मिलने वाले भत्तों को बढ़ाने पर भी लंबी चर्चा की गई।
7- 50% महंगाई भत्ते को बेसिक पे में मर्ज कर दिया जाना चाहिए। इससे अपने आप कई भत्ते बढ़ जाएंगे। और अगर सरकार किसी कारण से अभी DA मर्ज नहीं करना चाहती है, तो कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से ‘अंतरिम राहत’ दी जानी चाहिए।
8- सभी सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन के दायरे में लाना ही सबसे उचित कदम होगा।
9- काम के घंटे सख्ती से 8 घंटे किया जाए।
10- ड्यूटी पर मृत्यु होने पर 1 करोड़ का मुआवजा फिक्स किया जाए।
11- पैटरनिटी लीव 45 दिन किया जाना चाहिए।मैटरनिटी लीव को भी बढ़ाने की जरूरत है।चाइल्ड केयर लीव में सातवें वेतन आयोग ने 20% पे-कटौती कर दी थी, उसे वापस 100% फुल-पे के साथ बहाल किया जाए। महिलाओं के लिए मेन्स्ट्रुअल लीव की व्यवस्था हो और कार्यस्थल पर उनके लिए विशेष सेल और फ्लेक्सी लीव की सुविधा बनाई जाए।
12- मानसिक स्वास्थ्य और बेहतर जीवन के लिए वर्किंग आवर्स 8 घंटे की ड्यूटी लागू हो। कर्मचारियों के
लिविंग कंडीशन तनावमुक्त हो। आवास भत्ते और सुविधाओं में सुधार हो। कार्यस्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित हो, खासकर महिला कर्मचारियों के लिए।
13- सर्विंग कर्मचारियों को बिना किसी अड़चन के कैशलेस इलाज की सुविधा मिले।
इन विषयों पर चर्चा करते हुए ईसीआरकेयू धनबाद मंडल के मिडिया प्रभारी एन के खवास ने बताया है कि उक्त बैठक पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अपर महामंत्री सह एआईआरएफ वर्किंग कमिटी मेम्बर मो ज़्याऊद्दीन ने बताया कि इस बार आठवें वेतन आयोग के समक्ष फेडरेशन ने लिखित और तार्किक रूप से महत्वपूर्ण मांगों को जोरदार तरीके से रखा है और रेलकर्मियों को विश्वास है कि इस बार बेहतर वेतन एवं अन्य भत्तों सहित कई अन्य मांगों पर आशा के अनुरूप सुधार करते हुए बढ़ोतरी होगी।

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