8 साल से लंबित JPSC नियुक्ति: सहायक प्राध्यापक बहाली में देरी पर छात्रों का आक्रोश, बाबूलाल मरांडी को सौंपा ज्ञापन

रांची: झारखंड में सहायक प्राध्यापक नियुक्ति प्रक्रिया में हो रही देरी को लेकर अभ्यर्थियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। Baboolal Marandi से मुलाकात कर अभ्यर्थियों ने अपनी समस्याएं साझा कीं और ज्ञापन सौंपा।
अभ्यर्थियों के अनुसार Jharkhand Public Service Commission (JPSC) द्वारा वर्ष 2018 में जारी विज्ञापन संख्या 04/2018 के तहत शुरू हुई नियुक्ति प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो सकी है। खासकर पंचपरगनिया, हो और समाजशास्त्र विषयों में बहाली लंबित है, जिससे हजारों उम्मीदवारों का भविष्य अधर में लटका हुआ है।
पदों की स्थिति:
- पंचपरगनिया: 7 पद
- हो: 7 पद
- समाजशास्त्र: 21 पद
अभ्यर्थियों का कहना है कि बार-बार इंटरव्यू स्थगित होने से पूरी प्रक्रिया अनिश्चित बनी हुई है। NET/JRF योग्य अभ्यर्थियों को शोध निर्देशक नहीं मिल पाने के कारण उनका पीएचडी पंजीकरण भी प्रभावित हो रहा है।
मामले को गंभीर बताते हुए Baboolal Marandi ने कहा कि राज्य के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में स्थायी शिक्षकों की भारी कमी है, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मुद्दे को सरकार के समक्ष मजबूती से उठाया जाएगा।
उन्होंने National Education Policy 2020 (NEP 2020) का उल्लेख करते हुए कहा कि क्षेत्रीय और जनजातीय भाषाओं को बढ़ावा देने के लिए समय पर नियुक्ति जरूरी है।
छात्र प्रतिनिधिमंडल ने सरकार से मांग की है कि लंबित नियुक्ति प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाए, ताकि अभ्यर्थियों को न्याय मिल सके और राज्य की शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिले।



