अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर समाहरणालय सभागार में भव्य कार्यक्रम

विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को किया गया सम्मानित

दुमका। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर समाहरणालय सभागार में एक गरिमामय एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस, जेएसएलपीएस, खेल, आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका बैंक सखी सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित कर उनके योगदान की सराहना की गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक औपचारिक दिवस नहीं, बल्कि महिलाओं के प्रति समाज की सोच और संवेदनशीलता को मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए केवल एक दिन पर्याप्त नहीं है, बल्कि हर दिन और हर क्षण महिलाओं के अधिकार, सुरक्षा और सम्मान के प्रति सजग रहने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि एक सशक्त समाज की पहचान तभी होती है जब महिलाएं निर्भय होकर आगे बढ़ सकें, अपने सपनों को साकार कर सकें और उन्हें जीवन के हर क्षेत्र में समान अवसर मिले। उन्होंने कहा कि हमें ऐसा वातावरण बनाना होगा जहां महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ें और उन्हें कहीं भी असुरक्षा या भेदभाव का सामना न करना पड़े।

उपायुक्त ने कहा कि सरकार महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं चला रही है। मैय्या सम्मान योजना के माध्यम से महिलाओं को प्रतिमाह ₹2500 की सहायता प्रदान की जा रही है, जो महिलाओं के सम्मान और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके अलावा जिला प्रशासन द्वारा संचालित दीदी की दुकान और दीदी का ढाबा जैसी पहलें महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का कार्य कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि महिलाएं समाज में सुरक्षित महसूस करें और उन्हें आगे बढ़ने के लिए हर संभव सहयोग मिले। इस दिशा में पुलिस विभाग की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण है और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सतत प्रयास किए जाने चाहिए।

उन्होंने समाज से आह्वान किया कि महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव न किया जाए और जो महिलाएं आगे बढ़ना चाहती हैं, उन्हें अवसर, प्रोत्साहन और सहयोग दिया जाए।
उन्होंने दुमका जिले की बेटी सुदीपा दत्ता का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में 41वीं रैंक प्राप्त कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे जिले और राज्य का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि सुदीपा दत्ता की यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि यदि महिलाओं को अवसर और समर्थन मिले तो वे किसी भी क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सकती हैं।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त अनिकेत सचान ने कहा कि आज की महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं हैं। वे शिक्षा, प्रशासन, खेल, विज्ञान, उद्यमिता और सामाजिक सेवा जैसे सभी क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा और क्षमता का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं आज आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं की प्रगति केवल महिलाओं की प्रगति नहीं, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र की प्रगति है।

उप विकास आयुक्त ने कहा कि समाज में अभी भी कुछ ऐसी विषमताएं और रूढ़ियां मौजूद हैं जो महिलाओं की प्रगति में बाधा बनती हैं। हमें मिलकर उन सभी बाधाओं को दूर करना होगा और ऐसा समावेशी समाज बनाना होगा जहां महिलाओं को समान अवसर, सम्मान और स्वतंत्रता मिल सके।
कार्यक्रम के दौरान सम्मानित महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए और समाज के विकास में महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कर्मचारी, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी महिलाएं उपस्थित थीं। इससे पूर्व उपायुक्त ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की।

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