महाशिवरात्रि पर पटना के शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब

पटना। महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिरों और शिवालयों को कई तरह के फूल, झंडा, पताका और आकर्षक बल्बों से सजाया गया है। पंचरूपी हनुमान मंदिर महाबीर मंदिर, पंचमंदिर सहित कई मंदिर में पूरे दिन जलाभिषेक, रुद्राभिषेक हो रहा है। इसके बाद संध्या बेला में शिव हुआ। पंच रूपी हनुमान मंदिर में सचिव मोहित प्रकाश ने श्रृगार पूजा में भाग लिया। जबकि पूजा में सहयोग के लिए सदस्य आलोक कुमार व सदस्रू प्रेम कुमार मौजूद रहे। महाशिवरात्रि के दिन उत्तराषाढ़ा और श्रवण नक्षत्र के साथ व्यतिपात योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और जयद् योग का संयोग बन रहा है। उत्तराषाढ़ा और श्रवण दोनों ही नक्षत्र भगवान शिव के प्रिय नक्षत्र हैं।ज्योतिषी ओम तिवारी ने सूर्य पुराण के हवाले से कहा कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव पृथ्वीलोक पर भ्रमण करने निकलते हैं।
इसलिए इस दिन पूजा से सालभर के शिवरात्रि के समान पुण्य मिलता है। शिवरात्रि का पूजा करने से श्रद्धालुओं को एक हजार अश्वमेघ यज्ञ तथा सैकड़ों वाजपेयी यज्ञ के समान फल प्राप्त होता है।पटना के गायघाट स्थित गौरी शंकर मंदिर को भी भव्य तरीके से सजाया गया। सुबह से ही भक्तों की भीड़ देखने को मिली। मंदिर के पुजारी गौरी शंकर झा ने बताया कि आम दिनों में तीन बार भगवान की आरती होती थी, मगर आज महाशिवरात्रि के दिन सात बार आरती होगी और भगवान को सात बार भोग लगेगा। रात में बारात आएगी और सुबह 4 बजे भगवान का विवाह हुआ। बेतिया से आई भक्त नीतू कुमारी ने कहा कि शिवरात्रि की पूजा मन की शांति के लिए किया जाता है और कई लोग कहते हैं कि यह वर के लिए होता है। मैं मन की शांति के लिए आज मंदिर में पूजा करने आई हूं और मुझे यहां आकर बहुत अच्छा लग रहा है। इसके लिए भक्तों को बाहर से कोई भी सामान लाने की जरूरत नहीं थीै।
दूध, दही, शहद, घी, शक्कर, बेलपत्र, भांग, धतूरा, आदि सामग्री सब चीज मंदिर से ही मिलेगी। भक्तों को सुबह से लेकर देर रात तक रुद्राभिषेक ब्राह्मणों के द्वारा कराया जाएगा।महावीर मंदिर के बुकिंग काउंटर के संचालक पंडित राम मिलन ने बताया कि मंदिर में चार शिवलिंग में रुद्राभिषेक हुआ। नीचे प्राचीन शिवलिंग पर 17 रुद्राभिषेक, ऊपर शीशा बंद शिवलिंग पर 17 रुद्राभिषेक और बीच में हनुमानजी के बगल में स्थित शिवलिंग पर कुल 9 रुद्राभिषेक हुआ। इसके अलावा सबसे ऊपर वाले फ्लोर पर एक और नई शिवलिंग स्थापित की गयी है, जहां भी 17 रुद्राभिषेक हुआ।इसके साथ ही महाशिवरात्रि पर खाजपुरा शिव मंदिर में भव्य आयोजन किया जाएगा। राजधानी के अलग-अलग इलाकों से 30 शोभायात्राएं और शिव-बारात झांकियां निकाली जाएंगी।
इस बार सोमनाथ स्वाभिमान पर्व और ह्यविराट रामायण मंदिर में 33 फुट ऊंचे शिवलिंगह्ण की थीम पर आधारित झांकियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी।मंदिर परिसर में मुख्य समारोह होगा, जहां शोभायात्राओं के स्वागत के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन संध्या, तांडव नृत्य, गंगा आरती और महाप्रसाद वितरण का आयोजन किया जाएगा। इस महोत्सव में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, केंद्र व राज्य सरकार के कई मंत्री, धमार्चार्य और समाज के प्रबुद्ध जन भाग लेंगे और शोभायात्राओं के अभिनंदन के साथ झांकियों की आरती उतारेंगे। मुख्य मंच पर शोभायात्रा समितियों को प्रतीक चिह्न, मेडल व अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया जाएगा।



