बूढ़ी गंडक पर लंबे इंतजार का अंत? विधायक की सदन में जोरदार आवाज से पवड़ा में जगी पुल निर्माण की उम्मीद!

बेगूसराय। विधायक कुंदन कुमार ने विधानसभा में पवड़ा ढाव स्थित बूढ़ी गंडक नदी पर लंबे समय से लंबित पुल निर्माण का मुद्दा गरजकर उठाया। सदन में उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “दोनों क्षेत्रों के हजारों लोग आज भी नाव के सहारे नदी पार करते हैं, जहां हर पल दुर्घटना का खतरा मंडराता है। बरसात में तो यह जानलेवा साबित होता है।”नदी किनारे बसी आबादी की व्यथा बूढ़ी गंडक नदी बेगूसराय और चेरिया बरियारपुर विधानसभा क्षेत्रों को जोड़ती है, लेकिन पुल के अभाव में करीब 50,000 ग्रामीण नाव पर आश्रित हैं।
खेती-बाड़ी, बाजार और दैनिक कामकाज सब नदी पार करने से बाधित। वर्षों पुरानी यह मांग अब जोर पकड़ रही है हाल ही में भवानंदपुर व चेरिया बरियारपुर पंचायतों के जनप्रतिनिधियों और बुद्धिजीवियों ने संघर्ष समिति गठित की है। मंत्री का आश्वासन, योजना में शामिल विधायक के सवाल पर ग्रामीण कार्य विकास मंत्री ने बताया कि यह पुल मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना के तहत सूची क्रमांक-7 में दर्ज है। निधि उपलब्धता और प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र कार्रवाई होगी, उन्होंने कहा।
यह बयान क्षेत्र में उत्साह ला गया। स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया: नई उम्मीद की किरणभवानंदपुर मुखिया दीपक कुमार विधायक ने सदन में हमारी पीड़ा मजबूती से रखी। अब पुल बनने की उम्मीद पक्की लग रही है। मुरारी यादव व दीपक साह: नाव का सफर खतरे से खाली नहीं। पुल बनेगा तो खेती और व्यापार फलेगा। पवन देवी व राजीव कुमार: महिलाओं व बच्चों के लिए वरदान साबित होगा। भाजपा मंडल अध्यक्ष वीरसेन विक्रम ने विधायक की सराहना करते हुए कहा, यह क्षेत्रीय विकास की दिशा में बड़ा कदम है। पुल बनने से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि आर्थिक उन्नति को नई गति मिलेगी। ग्रामीणों का इंतजार कब खत्म होगा अब निधि पर सबकी नजरें टिकी हैं।



