चैत्र नवरात्र के पांचवें दिन शक्ति मंदिर में स्कंदमाता के रूप में भक्तों को दर्शन

धनबाद। चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर आज पांचवें दिन शक्ति मंदिर में मां दुर्गा ने भक्तों को स्कंदमाता के रूप में दर्शन दिए। इस अवसर पर मंदिर परिसर को भव्य रूप से सजाया गया, जहां मातारानी का लाल वस्त्रों से आकर्षक श्रृंगार किया गया तथा फूलों से सुसज्जित दरबार भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना रहा।
मंदिर में भोग-प्रसाद अर्पित करने के लिए भक्तों की बुकिंग लगातार बढ़ रही है। इस वर्ष चैत्र नवरात्र के यजमान अशोक अरोड़ा एवं उनकी धर्मपत्नी पूजा अरोड़ा हैं, जबकि संपूर्ण पूजन विधि पंडित मुकेश पाण्डेय द्वारा संपन्न कराई जा रही है।
भक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर के पीछे प्रांगण में आरती की विशेष व्यवस्था की गई है। “हाथों में ले के दीया करें मां की आरती” के दौरान आज बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। मंदिर समिति द्वारा आरती के लिए दीयों की व्यवस्था की गई है तथा एक बड़ी एलईडी स्क्रीन भी लगाई गई है, जिससे श्रद्धालु आरती का आनंद सहज रूप से ले पा रहे हैं।
कल 12 भक्त परिवारों द्वारा मातारानी को भोग-प्रसाद अर्पित किया जाएगा। मंदिर की पूरी व्यवस्था में समिति के पदाधिकारी, महिला एवं पुरुष सेवादार सक्रिय रूप से लगे हुए हैं और श्रद्धालुओं की सेवा कर रहे हैं।
पूजन व्यवस्था में पंडित राधेश्याम पाण्डेय, संतोष पाण्डेय एवं जमुना पाण्डेय की महत्वपूर्ण भूमिका है। वहीं भक्तों की सुविधा के लिए सचिव अरुण भंडारी, उपाध्यक्ष राजीव सचदेवा, साकेत साहनी, संयुक्त सचिव सुरेन्द्र अरोड़ा, सह-कोषाध्यक्ष दिनेश पुरी सहित अन्य सदस्य सक्रिय योगदान दे रहे हैं।
मंदिर में विशेष रूप से बुजुर्गों एवं दिव्यांग भक्तों के लिए लिफ्ट और व्हीलचेयर की व्यवस्था की गई है। उल्लेखनीय है कि मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के समय, लगभग 30 वर्ष पूर्व हिमाचल प्रदेश के ज्वाला जी मंदिर से लाई गई ज्योत आज भी गर्भगृह में अखंड रूप से प्रज्वलित है।
भक्तों की आस्था है कि सच्चे मन से मां के दर्शन करने पर सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यही कारण है कि शक्ति मंदिर न केवल आस्था का प्रमुख केंद्र है, बल्कि मनोरथ पूर्ण करने वाले मंदिर के रूप में भी प्रसिद्ध है।



