ग्लोबल वार्मिंग से बचाव के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी: डॉ. राजीव कुमार झा

- प्रदूषण पर सख्ती जरूरी: डॉ. ललित नारायण मिश्र
- विश्व पृथ्वी दिवस पर आरएम कॉलेज, सहरसा में संगोष्ठी
- प्रदूषण नियंत्रण, वृक्षारोपण और संसाधनों के संतुलित उपयोग पर विशेषज्ञों का जोर
सहरसा। विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर राजेन्द्र मिश्र महाविद्यालय, सहरसा के भूगोल विभाग द्वारा संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रभारी प्रधानाचार्य डॉ. राजीव कुमार झा, पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. ललित नारायण मिश्र, पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. देवकांत चौधरी, विभागाध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार तथा डॉ. राम अवधेश कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
संगोष्ठी की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार ने की। मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. राजीव कुमार झा ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग आज विश्व के समक्ष गंभीर संकट बन चुकी है। इससे बचाव के लिए सामूहिक प्रयास ही एकमात्र प्रभावी उपाय है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर चलना आवश्यक है, क्योंकि प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन और पर्यावरण से निरंतर छेड़छाड़ के कारण ही यह समस्या विकराल रूप लेती जा रही है।
पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. ललित नारायण मिश्र ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए ठोस एवं कठोर कदम उठाने होंगे। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन का रूप देने की आवश्यकता बताई। साथ ही अधिक से अधिक वृक्षारोपण, जल एवं ऊर्जा संरक्षण तथा संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग पर बल दिया।
पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. देवकांत चौधरी ने कहा कि पर्यावरण संकट अब वैश्विक स्तर पर गंभीर रूप धारण कर चुका है। उन्होंने बताया कि पृथ्वी दिवस की शुरुआत ब्राजील में हुई थी और आज यह जागरूकता का महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है। उन्होंने जनसंख्या वृद्धि पर नियंत्रण, वाहनों के सीमित उपयोग, रासायनिक उर्वरकों के कम प्रयोग तथा वनों की कटाई पर रोक लगाने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही उपभोक्तावादी प्रवृत्ति से दूर रहकर प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन को अपनाने की अपील की।
कार्यक्रम में डॉ. अरुण कुमार ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. राम अवधेश कुमार ने किया। मंच संचालन राज प्रिया एवं प्रफुल्ल कुमार ने संयुक्त रूप से किया।
आलेख लेखन प्रतियोगिता के विजेता सम्मानित
इस अवसर पर आयोजित आलेख लेखन प्रतियोगिता के सफल प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। राज प्रिया को प्रथम, प्रफुल्ल कुमार को द्वितीय तथा विकास कुमार एवं अदिति कुमारी को संयुक्त रूप से तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।



