विवेकानन्द शिशु विद्या मंदिर, लचरागढ़ में कक्षा दसवीं के विद्यार्थियों का आशीर्वाद एवं विदाई समारोह संपन्न

सिमडेगा। वनवासी कल्याण केंद्र की शैक्षिक इकाई श्रीहरि वनवासी विकास समिति, झारखंड द्वारा संचालित विवेकानन्द शिशु/ विद्या मंदिर उच्च विद्यालय, लचरागढ़ में कक्षा दसवीं के भैया-बहनों के सम्मान में आशीर्वाद समारोह अत्यंत गरिमामय, एवं प्रेरणादायी वातावरण में आयोजित किया गया। यह अवसर स्नेह, स्मृतियों, संस्कारों और उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाओं से परिपूर्ण रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि समाजसेवी भरत प्रसाद सिमडेगा, विशिष्ट अतिथि कुश बड़ाईक सिमडेगा, विद्यालय के सचिव राजेश अग्रवाल एवं सह सचिव रिक्की अग्रवाल, सुनील सिंह द्वारा संयुक्त रूप से माँ सरस्वती, भारत माता, सृष्टि के गर्भ स्थल ‘ॐ’, भगवान बिरसा मुंडा एवं सरना माता के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्वलन पुष्पार्चन कर किया गया।

इसके पश्चात रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति हुई, जिसमें कनिष्ठ भैया-बहनों ने गीत, नृत्य एवं मनोहारी प्रस्तुतियों के माध्यम से अपने वरिष्ठों के प्रति स्नेह एवं सम्मान व्यक्त किया जिससे उत्साह, अनुशासन और आत्मीयता का वातावरण बना रहा।
मुख्य अतिथि भरत प्रसाद ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि माँ पहला गुरु होती है जो हर कष्ट सहकर बच्चों को संस्कार देती है, वहीं पिता दिन-रात परिश्रम कर परिवार की आवश्यकताओं की पूर्ति करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से माता-पिता की आज्ञा का पालन करने, गुरुजनों का सम्मान करने तथा चरित्र निर्माण और संस्कारों को जीवन का मूल आधार बनाने का संदेश दिया।विद्यालय परिवार की ओर से कक्षा दसवीं के विद्यार्थियों को पेन, उच्च गुणवत्ता की फ़ाइल गर्म टोपी।परीक्षा उपयोगी सामग्री।
शुभकामना संदेशपत्र भेंटस्वरूप प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही विद्यालय के सभी भैया-बहनों को भरत प्रसाद जी द्वारा किटकैट चॉकलेट दिया गया।

भेंट सामग्री उपलब्ध कराने में भरत प्रसाद ऋषभ कुमार सिमडेगा, डॉक्टर भानु प्रताप साहू सिमडेगा एवं राजकुमार साहू का सराहनीय सहयोग प्राप्त हुआ।इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेंद्र साहू ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि यह समारोह केवल विदाई नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के जीवन की नई यात्रा का शुभारंभ है। उन्होंने कहा कि विद्यालय ने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास और राष्ट्रभक्ति का संस्कार दिया है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल, सफल एवं सार्थक भविष्य की मंगलकामना की।

विद्यालय के सचिव राजेश अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि विद्यार्थी जहाँ भी जाएँ, अपने आचरण से विद्यालय की पहचान बनाएँ। अनुशासन और परिश्रम को जीवन का आधार बनाएँ। माता-पिता एवं गुरुजनों के त्याग को सदैव स्मरण रखें। विद्यालय परिवार को आप पर गर्व है। वहीं सहसचिव रिकी अग्रवाल ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि लक्ष्य स्पष्ट रखें। कठिनाइयों से घबराएँ नहीं। समय का सदुपयोग करें। अच्छे अंक के साथ अच्छा चरित्र भी विकसित करें। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर आगे बढ़ने का आशीर्वाद दिया। इस कार्यक्रम में यमुना कुमारी, दशरथी देवी, बिमला देवी, लक्ष्मी देवी, अर्जुन महतो, बसंती बड़ाईक,, गणेश सिंह, जगेश्वर सिंह, प्रमोद पाणीग्राही, सुदर्शन कुमार, प्रगति सिंह, दीक्षित कुमारी, सुनीति कुमारी, संध्या बड़ाईक, भागीरथी सिंह, शिवरचंद नायक, रजनी बड़ाईक, कालीचरण, सबरन सिंह, एटलस तोपनो, तरुण सिंह ओलीबा एवं गंगोत्री देवी सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। मंच संचालन प्रमोद पानीग्राही द्वारा किया गया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रधानाचार्य राजेन्द्र साहु ने किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गीत के साथ हुआ।



