क्षेत्र में बढ़ रहा ठगी का नया तरीका, थाना में मुकदमा दर्ज होते ही आईओ बनकर मांगी जाती है राशि

वारिसलीगंज/नवादा (अभय कुमार रंजन) : जामताड़ा की तरह वारिसलीगंज में नित्य नया ठगी के तरीके का ईजाद हो रहा है। ठग अपने धंधे को गति प्रदान करने को लेकर ठगी का तरीका बदलते रहता है। पहले चेहरा पहचानो से शुरू हुआ ठगी अब लोन दिलवाने के झांसे देकर लोगो को अपने जाल में फसाते है। जैसे की विश्व व्यापी महामारी कोरोना काल में अस्पताल में भर्ती मरीज के स्वजन का मोबाइल फोन पता कर रेडमेसिवर सुई समेत अन्य जीवन रक्षक दवा उपलब्ध करवाने के नाम पर ठगी की गई थी।
फिलहाल अगर कोई व्यक्ति थाने मुकदमा दर्ज करता है तो केश के आन लाइन होते ही ठग सक्रीय होकर प्राथमिकी से मोबाइल नम्बर लेकर संबंध मुदय को फोन कर मुकदमा का आईओ होने की बात कह पैरबी के नाम पर ठगी शुरू की जाती है। इस प्रकार की ठगी का शिकार होने से वारिसलीगंज थाना के मसुदा गांव का एक व्यक्ति अपनी सूझ बूझ से बच गया।
ग्रामीण रामचन्द्र महथा ने बताया कि दो दिन पूर्व मैने अपने साथ घटित मारपीट की घटना की प्राथमिकी दर्ज करवाया था। प्राथमिकी आन लाइन होते ही किसी अनजान नम्बर से फोन आया और केश में मनमुताबिक पैरबी का भरोसा देकर सात हजार रुपए की मांग की गई। परंतु रामचंद्र ने कहा कि पैसा थाना आकर दूंगा। तब ठग अपनी मकसद नाकाम होकर फोन कट कर दिया। इसी प्रकार क्षेत्र के साइबर ठगी नित्य ठगी नया तरकीब ढूंढते रहता है।



