डॉयट शाहपुर में टीएलएम मेला-3.0: 18 प्रखंडों के 90 शिक्षकों ने दिखाए नवाचारी शिक्षण मॉडल

बेगूसराय। जिले के डॉयट शाहपुर में टीएलएम मेला-3.0 का आयोजन किया गया। जिसमें 18 प्रखंडों से 90 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने हिस्सा लिया। यह आयोजन प्रथम से पंचम वर्ग तक के बच्चों के लिए गणित, हिंदी, अंग्रेजी, पर्यावरण अध्ययन और उर्दू विषयों पर केंद्रित शिक्षण अधिगम सामग्री (TLM) के प्रदर्शन पर था। टीएलएम मेला क्या है? टीएलएम मेला शिक्षकों द्वारा बनाई गई नवाचारी शिक्षण सामग्री का मंच है, जो किताबी ज्ञान को रोचक, गतिविधि-आधारित और व्यावहारिक बनाता है।
बिहार में निपुण बिहार मिशन के तहत यह मेला स्कूल, संकुल, प्रखंड, जिला और राज्य स्तर पर होता है। इसका उद्देश्य प्राथमिक कक्षाओं में सीखने की गति बढ़ाना है। आयोजन की मुख्य विशेषताएं18 प्रखंडों से चयनित 90 प्रतिभागियों ने स्टॉल लगाकर मॉडल, चार्ट और खेल-आधारित सामग्री दिखाई।विषय: गणित (जोड़-घटाव, आकृतियां), हिंदी (वर्णमाला, विलोम), अंग्रेजी (उच्चारण), पर्यावरण अध्ययन (दिशाएं, संरक्षण) और उर्दू।निर्णायकों ने प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया, विजेताओं को जिला स्तर के लिए चुना गया।
बिहार में टीएलएम मेला-3.0 का संदर्भ2025-26 सत्र में बेगूसराय जैसे जिलों में यह मेला नवंबर 2025 से फरवरी 2026 तक चरणबद्ध रूप से आयोजित हो रहा है। भगवानपुर प्रखंड में हाल ही 6 फरवरी को समान आयोजन हुआ, जहां प्रथम स्थान वाले शिक्षक जिला स्तर पर गए। यह बिहारभर के स्कूलों में शिक्षण गुणवत्ता सुधारने का प्रयास है।



