विकास कार्यों की जगह भूसा स्टॉक, ग्राम पंचायत कासिमपुर में सरकारी योजनाएँ ठप

माधौगढ़ (जालौन)। विकास खण्ड माधौगढ़ की ग्राम पंचायत कासिमपुर में विकास कार्यों की स्थिति सवालों के घेरे में है। पंचायत क्षेत्र में जहाँ जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन होना चाहिए, वहीं पंचायत परिसर में विकास कार्यों के स्थान पर जानवरों का भूसा स्टॉक किया गया है। इससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। ग्रामीणों के अनुसार पंचायत स्तर पर उपलब्ध कराई जाने वाली ऑनलाइन सेवाएँ लंबे समय से बंद पड़ी हैं। जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र, खतौनी, वृद्धा पेंशन, विकलांग पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, शौचालय निर्माण, जॉब कार्ड तथा मनरेगा योजना से संबंधित कार्य पूरी तरह ठप हैं।
इन कार्यों के लिए ग्रामीणों को बार-बार तहसील और ब्लॉक कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, दिव्यांगों और गरीब परिवारों को हो रही है, जिनकी पेंशन और अन्य लाभ समय पर नहीं मिल पा रहे हैं। कई पात्र लाभार्थी महीनों से कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। जब इस संबंध में ग्राम विकास अधिकारी शिवसागर अवस्थी से जानकारी ली गई, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब देने से परहेज किया और जिम्मेदारी से बचते नजर आए। जल समस्या के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने समस्या का समाधान करने के बजाय दोष टिकरा पर डाल दिया, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ गई।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ग्राम पंचायत में व्याप्त अव्यवस्थाओं की जांच कराई जाए तथा दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही सभी रुके हुए ऑनलाइन कार्यों को तत्काल शुरू कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन इस ओर कब तक ध्यान देता है और ग्राम पंचायत कासिमपुर में विकास कार्यों को सही दिशा में लाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।



