अक्षत सेवा सदन के 23वें स्थापना दिवस पर निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन

पटना। अक्षत सेवा सदन के प्रांगण में 28 जनवरी  2025 को अक्षत सेवा सदन के 23वा स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर अक्षत सेवा सदन मे मुफ्त चिकित्सा शिविर लगाया गया। जिसमे बीएमडी (हड्डियों की घनत्व) जाँच, रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) जाँच, निःशुल्क दवा वितरण, दंत (दाँतों) की जाँच, मैमोग्राफी जाँच, नेत्र (आँखों) की जाँच एवं मरीज का शैली क्रिया के लिए पंजीकरण किया गया।

अक्षत सेवा सदन का उद्घाटन 28 जनवरी 2004 को मानवता की सेवा के एकमात्र मिशन के साथ किया गया था। पिछले 22 वर्षों में, इस अस्पताल ने मरीजों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास किया है, जिससे मरीजों जनता को लाभ मिल सके।

मुख्य अतिथि रेशमा आरिफ, बिहार की राज्यपाल की पत्नी के द्वारा कैंप का उद्घाटन किया गया। उन्होने कहा अक्षत सेवा सदन नाम से ही साफ है कि समाज की सेवा सबसे महत्वपूर्ण है। सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। मुझे इस बात की खास खुशी है कि आपने यह दिन महिलाओं के स्वास्थ्य को समर्पित करने के लिए चुना है। एक महिला के तौर पर, और बिहार की आपकी महिला राज्यपाल के तौर पर, मेरा हमेशा से मानना रहा है कि एक परिवार का स्वास्थ्य, और सच तो यह है कि एक राष्ट्र का स्वास्थ्य, उसकी महिलाओं के स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। आप इसी तरह बढ़ते रहें और ज़रूरतमंदों की करुणा के साथ सेवा करते रहें। अस्पताल मानवता के मंदिर हैं, और मैं अक्षत सेवा सदन के प्रबंधन और कर्मचारियों को मल्टीडिसिप्लिनरी देखभाल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखने और हमारे राज्य के लोगों की समर्पण के साथ सेवा करने के लिए बधाई देती हूं।

डॉ0 अमूल्य कुमार सिंह जी ने कहा की आज अक्षत सेवा सदन आज 22 सालों से सामाजिक एवं मरीजों की सेवा करते आ रहा है अभी तक तकरीबन ढाई लाख से ऊपर ओपीडी में मरीजों को देखा गया एवं 40000 से ऊपर मरीजों को सफल पूर्वक शल्य चिकित्सा हो चुका है और 300 से ऊपर मरीजों का ज्वाइंट रिप्लेसमेंट भी हो चुका है तकरीबन हजारों की संख्या में गठिया रोग का इलाज सफलतापूर्वक किया गया l अक्षत सेवा सदन की हमेशा कोशिश रही है कि किस तरह से गरीब और असहाय की मदद की जाए। ज्यादा से ज्यादा गरीबों की मदद किया जाए।

आलोक कुमार सिंह जीएसटी असिस्टेंट कमिश्नर, पटना, आज यह संस्था 9 कर्मचारियों से सुरू हुई थी जो अभी सौ (100) से ज्यादा कर्मचारियों की परिवार बन चुकी है एवं प्रतिवर्ष किसी न किसी कर्मचारियों की बच्ची की शादी होती है उसमे ईस संस्थान की तरफ से एक लाख रुपया तक की सहायता राशि मदद के रूप में दी जाती है एवं किसी कार्यरत कर्मचारियों की ज्यादा तबीयत खराब होने एवं इमरजेंसी पड़ने पर उसे संस्थान की तरफ से सहायता राशि के रूप में मदद की जाती है ।

डॉ सरसिज नयनम प्रेसिडेंट ऑफ़ ग्लोबल ऑर्थोपेडिक फोरम एसोसिएशन आज का कार्यक्रम इस बात का एक शानदार उदाहरण है कि जब समाज के अलग-अलग स्तंभ एक नेक काम के लिए एक साथ आते हैं तो हम क्या हासिल कर सकते हैं। मुझे पाटलिपुत्र आस्था लायंस क्लब द्वारा, पटना मेनोपॉज़ सोसाइटी और, पटना ऑब्स्टेट्रिक एंड गायनेकोलॉजिकल सोसायटी  प्रसिद्ध महावीर कैंसर संस्थान  के सहयोग से किए गए इस सहयोगात्मक प्रयास को देखकर बहुत खुशी हो रही है। जब एक सेवा संगठन, एक विशेष चिकित्सा समाज, और एक प्रमुख कैंसर संस्थान हाथ मिलाते हैं, तो परिणाम हमारे समाज के लिए सुरक्षा की एक व्यापक ढाल होती है।

डा. कुमकुम सिन्हा, गाइनेकोलॉजिस्ट, अध्यक्ष पटना मेनोपॉज़ सोसाइटी ने कहा कि अक्सर, हमारे समाज में महिलाएं अपने परिवार की भलाई को अपनी भलाई से ज़्यादा अहमियत देती हैं। वे चुपचाप दर्द सहती हैं और लक्षणों को तब तक नज़रअंदाज़ करती हैं जब तक बहुत देर न हो जाए। आज जैसे कार्यक्रम – जागरूकता और मेनोपॉज़ की खास चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित करने वाले – इस चुप्पी को तोड़ने के लिए ज़रूरी हैं। मैं कैंसर का पता लगाने के लिए विशेष स्क्रीनिंग करने की पहल की खास तौर पर सराहना करना चाहती हूँ। महिलाओं से उन्होंने कहा स्वास्थ्य आपकी सबसे बड़ी संपत्ति है, न सिर्फ़ आपके लिए, बल्कि उन सभी के लिए जो आपसे प्यार करते हैं।

डॉ0 मनीषा सिंह निदेशक महावीर कैंसर संस्थान, जी ने कहा कि – अक्षत परिवार यूं ही आगे भी गरीबों, जरूरतमंदों, असहाय और वृद्ध मरीजों की सेवा करते रहें। वृद्धाश्रम से घर जाने के बाद मरीजों की सेवा उनके परिवार करते रहें। इससे हमारा समाज स्वस्थ रहेगा और समाज को एक अच्छा संदेश जाएगा। हम सभी महावीर कैंसर संस्थान की प्रतिष्ठा और विशेषज्ञता के बारे में जानते हैं। उस विशेषज्ञता को यहाँ, समुदाय स्तर पर लाना, एक बहुत ज़रूरी कदम है। कैंसर एक ऐसा शब्द है जो डर पैदा करता है, लेकिन जल्दी पता चलने से उम्मीद जगती है। स्क्रीनिंग सिर्फ़ एक मेडिकल प्रक्रिया नहीं है; यह जीवन बचाने वाली आदत है।

डा कुमार राहुल अध्यक्ष एलसीपीए, स्वास्थ्य सेवा के प्रति तेईस साल की समर्पित सेवा सिर्फ समय का एक मील का पत्थर नहीं है;  यह उन हजारों जिंदगियों का मील का पत्थर है जिन्हें इस संस्थान ने छुआ, ठीक किया और आराम दिया। असहाय और जरूरतमंद लोगों को मुफ्त सेवा दे रहा है। इसका आदर्श वाक्य है “हम साथ रहेंगे”। यह संगठन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज की समस्या के बारे में जागरूक करने के लिए हर रविवार को नियमित रूप से मुफ्त स्वास्थ्य शिविर आयोजित करता है।

इस कार्यक्रम में गौरवान्वित अतिथि डॉ निभा मोहन,  डॉ0 नितनाथ, डॉ रोहित डॉ कमल डॉक्टर तेज प्रताप डॉक्टर मनीष उपस्थित थे साथ ही अक्षत सेवा सदन के सभी कर्मचारी गण एवं अक्षत परिवार के सभी सदस्य इस कार्यक्रम में शामिल थे अक्षत सेवा सदन का एक ही उद्देश्य है कि सभी लोग अपने पैरों पर खड़े हो और जीवन में आत्मनिर्भर हो इसलिए कहा गया कि ‘मिलकर साथ चलें।

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