संस्कार भारती धनबाद महानगर द्वारा चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन
Sanskar Bharti Dhanbad Metropolitan organized a painting competition.

धनबाद। संस्कार भारती धनबाद महानगर शाखा के तत्वावधान में भारतीय संविधान पर आधारित एक दिवसीय चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन शनिवार को डॉ. हेडगेवार भवन हॉल, जगजीवन नगर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रतियोगिता का उद्देश्य बच्चों एवं युवाओं में भारतीय संविधान, राष्ट्रीय मूल्यों तथा सांस्कृतिक चेतना के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्य रूप से बिंदेश्वरी प्रसाद चौरसिया, इंद्रजीत सिंह, कृष्ण कुमार, सच्चिदानंद सिंह, विकास कांति खां, शिवशंकर धर, बरनाली गुप्ता एवं धीरज कुमार शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम संयोजन की जिम्मेदारी शिवशंकर धर एवं अर्चना वर्मा ने निभाई।
संस्कार भारती का ध्येय गीत कुशन सेनगुप्ता द्वारा प्रस्तुत किया गया, वहीं संस्था के उद्देश्य एवं कार्यों पर प्रकाश बिंदेश्वरी प्रसाद चौरसिया ने डाला। संस्था के महामंत्री संजय सेनगुप्ता ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं भावी पीढ़ी को संविधान के मूल आदर्शों—न्याय, स्वतंत्रता, समानता एवं बंधुत्व—से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं।

चित्रकला प्रतियोगिता चार वर्गों—ग्रुप ‘अ’, ‘ब’, ‘स’ एवं ‘द’—में आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न आयु वर्ग के लगभग 250 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने संविधान के विषयों को रंगों के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र एवं मेडल देकर सम्मानित किया गया। साथ ही प्रतियोगिता के विजेताओं को 25 जनवरी को डॉ. हेडगेवार भवन में आयोजित मासिक सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम में विशेष रूप से पुरस्कृत किया जाएगा।

पंजीकरण, प्रमाण पत्र लेखन, बैठने की व्यवस्था, सामग्री प्रबंधन एवं संपूर्ण कार्यक्रम संचालन में संस्कार भारती के कार्यकर्ताओं एवं स्वयंसेवकों का सराहनीय योगदान रहा। कार्यक्रम को सफल बनाने में अर्चना वर्मा, स्वाति गुप्ता, काकुली सेनगुप्ता, मनोज, आरती साव, दीपा मोदक, अलका दास, संगीता चटर्जी, रूमा मित्रा, अमर कुमार, जयशंकर धर एवं नूपुर सिल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कार्यक्रम का समापन सामूहिक वंदे मातरम् के साथ हुआ। अंत में शिवशंकर धर ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। आयोजन ने बच्चों, अभिभावकों एवं उपस्थित अतिथियों पर गहरी छाप छोड़ी तथा संस्कार, संस्कृति और संविधान के प्रति सम्मान का सशक्त संदेश दिया।



