रजौली में अघोषित बिजली कटौती से हाहाकार, उमस भरी गर्मी में लोग बेहाल

रजौली/नवादा (मनीष कुमार) : रजौली प्रखंड मुख्यालय समेत आसपास के दर्जनों गांवों में पिछले एक सप्ताह से हो रही अघोषित बिजली कटौती से लोगों में भारी रोष व्याप्त है। उमस भरी गर्मी में दिन-रात बार-बार बिना सूचना बिजली गुल होने से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि 24 घंटे में मुश्किल से 10-12 घंटे ही बिजली मिल रही है। दिन में हर आधे-एक घंटे पर लाइन ट्रिप कर जाती है, जबकि रात 9 बजे के बाद कई इलाकों में पूरी रात अंधेरा रहता है।
उमस और गर्मी से बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों का हाल बेहाल है। पंखे-कूलर बंद होने से लोग रातभर जागकर समय काट रहे हैं। इनवर्टर भी जवाब दे चुके हैं। बिजली संकट का सबसे ज्यादा असर जलापूर्ति पर पड़ा है। प्रखंड मुख्यालय और गांवों में नल-जल योजना ठप है। मोटर न चलने से लोग बूंद-बूंद पानी को तरस गए हैं। आटा चक्की, वेल्डिंग, साइबर कैफे, आरा मशीन जैसे छोटे उद्योग बंद हैं।
दुकानदारों का कहना है कि फ्रिज-बर्फ का सामान खराब हो रहा है। किसानों ने बताया कि धान की रोपनी के समय बिजली न मिलने से पटवन नहीं हो पा रहा। छात्रों की ऑनलाइन पढ़ाई भी बाधित है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग न तो कटौती का शेड्यूल जारी करता है और न ही सूचना देता है। मेंटेनेंस के नाम पर सुबह से शाम तक लाइन काट दी जाती है।
लोगों ने कहा कि शिकायत करने पर सिर्फ “फॉल्ट ठीक किया जा रहा है” का जवाब मिलता है। वहीं इस संबंध में रजौली के कनीय अभियंता भुनेश्वर प्रसाद ने बताया कि ओवरलोडिंग और बिजली तारों में बार-बार फॉल्ट के कारण ट्रिपिंग हो रही है। मरम्मत कार्य जारी है,जल्द ही आपूर्ति सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।



