74 वर्षों के इतिहास में पहली बार हजारों स्नातक मतदाताओं का संवाद, शिक्षा-जगत और बुद्धिजीवियों ने बताया बदलाव का शंखनाद
स्नातकों का महाकुंभ बना अररिया का टाउन हॉल, रजनीश रंजन ने खोला वादों का पिटारा

अररिया l कोशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र बिहार विधान परिषद चुनाव 2026 की सरगर्मी अब सीमांचल के राजनीतिक और बौद्धिक गलियारों में खुलकर दिखाई देने लगी है। मंगलवार को जिला मुख्यालय स्थित टाउन हॉल में आयोजित “स्नातक मतदाता संवाद कार्यक्रम” ने न केवल चुनावी माहौल को नई दिशा दी, बल्कि यह आयोजन हजारों स्नातक मतदाताओं, शिक्षकों, अधिवक्ताओं, चिकित्सकों, अभियंताओं और बुद्धिजीवियों के अभूतपूर्व जुटान के कारण चर्चा का विषय बन गया।
आयोजकों के अनुसार कोशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के 74 वर्षों के इतिहास में यह पहला अवसर था, जब किसी एक आह्वान पर इतनी बड़ी संख्या में स्नातक मतदाता एक मंच पर एकत्र हुए। टाउन हॉल का सभागार खचाखच भरा रहा, जबकि बाहर भी बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, अधिवक्ताओं की सुविधाएं, पुस्तकालय, शिक्षकों की समस्याएं और बेरोजगार युवाओं का भविष्य प्रमुख मुद्दों के रूप में उभरकर सामने आया।
कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्णिया विश्वविद्यालय के अधिषद सदस्य, शिक्षाविद एवं कोशी पुत्र के नाम से चर्चित रजनीश रंजन, रेडियो ईस्ट एंड वेस्ट की महानिदेशिका मनीषा रंजन, प्राथमिक शिक्षक संघ अररिया के जिलाध्यक्ष अब्दुल कुद्दुस सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद उपस्थित बुद्धिजीवियों एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने रजनीश रंजन का फूल-मालाओं और अंगवस्त्र से भव्य स्वागत किया।
वर्तमान प्रतिनिधित्व पर उठे सवाल, बदलाव की मांग हुई मुखर
संवाद कार्यक्रम में बोलते हुए कई अधिवक्ताओं, शिक्षकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने वर्तमान एमएलसी की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। वक्ताओं ने कहा कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता वर्षों से ऐसे प्रतिनिधित्व की प्रतीक्षा कर रहे हैं जो सदन और सड़क दोनों जगह उनकी आवाज बन सके।
अधिवक्ताओं ने कहा कि अररिया और फारबिसगंज व्यवहार न्यायालयों की समस्याओं पर आज तक किसी ने गंभीरता नहीं दिखाई। वहीं शिक्षक नेताओं ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों की समस्याएं लगातार उपेक्षित रही हैं। वक्ताओं का कहना था कि अब स्नातक मतदाता केवल चुनावी वादे नहीं, बल्कि जवाबदेह और सक्रिय नेतृत्व चाहते हैं।
मनीषा रंजन बोलीं— सीमांचल की बेटी बनकर मांग रही हूं आशीर्वाद
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रेडियो ईस्ट एंड वेस्ट की महानिदेशिका सह बीएन मंडल विश्वविद्यालय की सीनेट सदस्या मनीषा रंजन ने कहा कि अररिया की धरती से उन्हें हमेशा विशेष लगाव रहा है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद हजारों स्नातक मतदाताओं का उत्साह यह साबित करता है कि क्षेत्र के लोग बदलाव चाहते हैं। उन्होंने स्वयं को सीमांचल की बेटी बताते हुए कहा कि वह क्षेत्र के लोगों से आशीर्वाद और सहयोग मांगने आई हैं तथा इस स्नेह को जीवन भर नहीं भूल पाएंगी।
‘आपका प्यार मेरे ऊपर ऋण है, सूद समेत लौटाऊंगा’ : रजनीश रंजन
मुख्य वक्ता रजनीश रंजन ने अपने संबोधन की शुरुआत अररिया के मतदाताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए की। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद हजारों लोगों की उपस्थिति उनके प्रति जनता के विश्वास को दर्शाती है। उन्होंने कहा— “आज आप लोगों ने जो सम्मान और स्नेह दिया है, उसे मैं अपने ऊपर ऋण मानता हूं। यह ऋण मैं सेवा के माध्यम से सूद समेत लौटाने का प्रयास करूंगा।”
अपने भाषण के दौरान उन्होंने शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा को केंद्र में रखते हुए अपना बहुचर्चित “सात निश्चय” प्रस्तुत किया।
पहला निश्चय : बेरोजगार स्नातकों को 5 लाख का ब्याजमुक्त ऋण
रजनीश रंजन ने कहा कि स्नातक युवाओं के सामने सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी है। उन्होंने घोषणा की कि एमएलसी बनने के बाद वह बेरोजगार स्नातकों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए पांच लाख रुपये तक के ब्याजमुक्त अनुदान ऋण की व्यवस्था कराने की लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि युवा नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें, इसके लिए ठोस प्रयास किए जाएंगे।
दूसरा निश्चय : एक पाठ्यक्रम, एक वेतनमान
उन्होंने वित्तरहित शिक्षा व्यवस्था को शिक्षा जगत का सबसे बड़ा कलंक बताते हुए कहा कि एक ही प्रकार का कार्य करने वाले शिक्षकों को अलग-अलग वेतन मिलना अन्याय है। उन्होंने आश्वासन दिया कि “एक पाठ्यक्रम, एक वेतनमान” की व्यवस्था लागू कराने और वित्तरहित संस्थानों की समस्याओं के समाधान के लिए सदन से सड़क तक संघर्ष करेंगे।
तीसरा निश्चय : सभी स्नातकों के लिए जीवन सुरक्षा बीमा
रजनीश रंजन ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। उन्होंने स्नातक मतदाताओं और उनके परिवारों के लिए जीवन सुरक्षा बीमा योजना लागू कराने को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल बताया।
चौथा निश्चय : कैशलेस इलाज की व्यवस्था
उन्होंने शिक्षकों, पत्रकारों, अधिवक्ताओं, संविदा कर्मियों और बेरोजगार स्नातकों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की मांग को अपना प्रमुख चुनावी मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि बीमारी के कारण किसी भी परिवार को आर्थिक संकट का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत बनाना जरूरी है।
पांचवां निश्चय : अधिवक्ताओं के लिए हेल्थ वेलनेस सेंटर
अधिवक्ताओं की समस्याओं पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने कहा कि न्यायिक व्यवस्था से जुड़े लोगों के लिए बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने वकालतखानों के आधुनिकीकरण, कोर्ट परिसरों में सुविधाओं के विस्तार तथा अधिवक्ताओं के लिए हेल्थ वेलनेस सेंटर स्थापित कराने का संकल्प दोहराया।
छठा निश्चय : हर जिले में आधुनिक पुस्तकालय और ई-लाइब्रेरी
उन्होंने कहा कि ज्ञान आधारित समाज के निर्माण के लिए पुस्तकालय संस्कृति को पुनर्जीवित करना होगा। इस दिशा में प्रमंडलीय पुस्तकालयों के आधुनिकीकरण के साथ-साथ जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तर पर आधुनिक पुस्तकालय एवं ई-लाइब्रेरी स्थापित करने की बात कही।
सातवां निश्चय : बेरोजगार स्नातकों को मासिक भत्ता
अपने सातवें और अंतिम निश्चय में उन्होंने बेरोजगार स्नातकों के लिए मासिक भत्ता योजना लागू कराने का वादा किया। उन्होंने कहा कि रोजगार मिलने तक युवाओं को आर्थिक सहारा मिलना चाहिए ताकि वे सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।
फणीश्वर नाथ रेणु शोध केंद्र बनेगा प्राथमिकता
सवाल-जवाब सत्र में जब मतदाताओं ने अररिया के शैक्षणिक विकास को लेकर प्रश्न पूछा, तो रजनीश रंजन ने कहा कि एमएलसी बनने पर अररिया में फणीश्वर नाथ रेणु के नाम पर एक शोध केंद्र स्थापित कराने की दिशा में पहल करेंगे। उन्होंने कहा कि सीमांचल की साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए यह महत्वपूर्ण कदम होगा।
शिक्षक संघ भवन और कोर्ट परिसर के विकास का भी वादा
उन्होंने प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ भवनों के जीर्णोद्धार का आश्वासन देते हुए कहा कि शिक्षकों के लिए बेहतर बैठक और संवाद स्थल विकसित किए जाएंगे। वहीं अधिवक्ताओं की मांग पर उन्होंने अररिया कोर्ट परिसर में टेंट के नीचे बैठने को मजबूर वकीलों के लिए छतदार चबूतरा और अन्य सुविधाओं के निर्माण की घोषणा की।
चार प्रमंडलों और 14 जिलों के प्रतिनिधियों ने लिया संकल्प
कार्यक्रम के समापन अवसर पर कोशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चार प्रमंडलों और 14 जिलों से आए जिला प्रभारियों, अनुमंडल प्रभारियों और प्रखंड प्रभारियों ने अपने विचार व्यक्त किए। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि 2026 के विधान परिषद चुनाव में रजनीश रंजन को विजयी बनाकर स्नातक समाज की आवाज को सदन तक पहुंचाया जाएगा।
टाउन हॉल में उमड़ी भीड़ ने यह संकेत दे दिया कि कोशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव इस बार केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि शिक्षा, रोजगार और बौद्धिक नेतृत्व की दिशा तय करने वाला चुनाव बनने जा रहा है। रजनीश रंजन के सात निश्चयों ने चुनावी बहस को नया मुद्दा दे दिया है I



