तिरंगे की लहर में ‘विकसित भारत’ का संकल्प
वर्ल्ड पीस हार्मनी की तिरंगा यात्रा ने दिल्ली में रचा राष्ट्रवाद, एकता और भविष्य का उत्सव : हाजी फैज सैफी

नई दिल्ली। 26 जनवरी की सुबह सिर्फ एक तारीख नहीं होती, यह उस भावना का नाम है जब राष्ट्र अपने नागरिकों की धड़कनों में उतर आता है। इस गणतंत्र दिवस पर दिल्ली की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब यही गवाही दे रहा था कि भारत का गणतंत्र आज भी जीवंत, जागरूक और आत्मविश्वासी है। वर्ल्ड पीस हार्मनी के नेतृत्व में आयोजित भव्य तिरंगा यात्रा ने राजधानी को राष्ट्रप्रेम, एकता और ‘विकसित भारत’ के संकल्प से सराबोर कर दिया।
हाथों में लहराता तिरंगा, जुबां पर देशभक्ति के नारे और आंखों में गर्व—दिल्ली की सड़कों पर यह दृश्य किसी आयोजन से कहीं आगे बढ़कर राष्ट्रीय चेतना का उत्सव बन गया। बच्चे उत्साह से तिरंगा थामे हुए थे, युवा जोश और ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहे थे, जबकि बुज़ुर्गों के चेहरों पर संतोष था—मानो वे अपने जीवन के सपनों को साकार होता देख रहे हों।
वर्ल्ड पीस हार्मनी के इस आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि राष्ट्रप्रेम किसी औपचारिकता का मोहताज नहीं होता। यह दिल से निकलता है और सड़कों पर उतर आता है। गंगा-जमुनी तहज़ीब और राष्ट्रीय एकता का अद्भुत संगम इस तिरंगा यात्रा की सबसे बड़ी पहचान रहा, जहां हर वर्ग, हर समुदाय और हर आयु के लोग एक झंडे के नीचे एक साथ चलते नजर आए।
इस अवसर पर वर्ल्ड पीस हार्मनी के वरिष्ठ पदाधिकारी हाजी फैज सैफी ने कहा कि तिरंगा यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत केवल आर्थिक उन्नति नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक गौरव और मानवीय मूल्यों का भी प्रतीक है। तिरंगा यात्रा इसी व्यापक सोच की जीवंत अभिव्यक्ति है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत आज वैश्विक मंच पर एक जिम्मेदार, सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में उभर रहा है। वहीं गृह मंत्री अमित शाह जी के नेतृत्व में आंतरिक सुरक्षा और राष्ट्रीय एकता को जो मजबूती मिली है, उसने देशवासियों में भरोसे और निर्भीकता को और गहरा किया है।
हाजी फैज सैफी ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी के नेतृत्व की भी सराहना करते हुए कहा कि राजधानी दिल्ली एक नए विकासात्मक दौर में प्रवेश कर रही है, जहां विकास का अर्थ केवल इमारतें नहीं, बल्कि अवसर, सम्मान और समावेशी सोच है। तिरंगा यात्रा में जनता की व्यापक भागीदारी इस बदलाव का स्पष्ट संकेत है।
उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी जी के योगदान को भी याद करते हुए कहा कि देश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में उनका मार्गदर्शन ऐतिहासिक रहा है और वर्ल्ड पीस हार्मनी को उनका निरंतर सहयोग मिलता रहा है।
यह तिरंगा यात्रा केवल एक रैली नहीं थी, बल्कि यह विचारों की यात्रा थी—जो अतीत के बलिदानों को स्मरण करती है, वर्तमान की जिम्मेदारियों को स्वीकार करती है और भविष्य के सपनों को दिशा देती है। यह आयोजन विशेष रूप से युवाओं को राष्ट्रनिर्माण से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनकर उभरा।
अंत में हाजी फैज सैफी ने तिरंगा यात्रा को सफल बनाने वाले सभी सहयोगियों, स्वयंसेवकों और दिल्लीवासियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जब तिरंगा आगे बढ़ता है, तो वह यह याद दिलाता है कि हमारी पहचान से पहले हमारा राष्ट्र है।
दिल्ली की सड़कों पर लहराता तिरंगा यही संदेश दे रहा था—
हम साथ हैं, हम एक हैं और हमारा भारत निरंतर आगे बढ़ रहा है।



